शहीदों के गाव शेरपुर में मना शहीद दिवस

मुहम्मदाबाद: महात्मा गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ों के आहृान पर जनपद के शेरपुर गांव से एक ऐसी चिंगारी निकली जो देश में राज कर रहे फिरंगियों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।

बात हो रही है आज के 76 वर्ष पूर्व 18 अगस्त 1942 की। जब शेरपुर से मुहम्मदाबाद तहसील पर झंडा फहराने के लिए नौजवानों की टोली महात्मा गांधी के आहृान पर अंहिसात्मक आंदोलन करते हुए तहसील पर पहुंची थी।तब वहां के तत्कालीन तहसीलदार व ब्रितानिया हुकूमत के सिपाहियों ने उन निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था। जिसमें एक ही गांव के आठ लोग शहीद हो गये थे और अन्य कई लोगों को भी गोली लगी थी।

आज उस क्रांति का वर्षगाँठ शेरपुर खुर्द व शेरपुर कला शहीद पार्क में मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने झंडारोहण कर किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सजंय शेरपुरिया ने शहीद स्तम्भ पर माल्यापर्ण करने के बाद श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शेरपुर की शहादत बेमिसाल है। ऐसा उदाहरण विश्व में नहीं मिलेगा, जहां एक ही गांव शेरपुर के आठ नवजवानों ने देश को आजाद कराने के लिए एक साथ शहादत दी। शहीदों ने अपनी कुर्बानी देकर देश को आजाद कराया।

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आज हम सभी लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वर्ग, संप्रदाय, जाति एवं क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर शहीदों के सपनों का देश बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें। यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राहुल हास्पिटल के प्रबन्धक डॉ0 राहुल राय कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान आजादी की लड़ाई में अपनी जान न्यौछावर करने वाले अमर शहीद हमारे अमूल्य धरोहर हैं।

आज का दिन हमारे लिए काफी गौरवशाली है। स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में आज ही के दिन हमारे ही गांव के आठ नौजवानों ने अहिंसक आंदोलन के दौरान सीने में गोली खाकर तहसील मुख्यालय पर तिरंगा फहराकर अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़ने पर विवश कर दिया। उनके शौर्य एवं बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी।

आज हमें उन अमर शहीदों के सपने को साकार करने की आज हम सभी को इस मौके पर शपथ लेनी होगी।हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लड़े थे।लेकिन अब हम सभी लोगो को मिलकर समाज फैले कुरतियो बुराइयों से लड़ना होगा। आगे कहा कि हम अपने अमर शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए पुरी इमानदारी एवं निष्ठा के साथ गांव तथा क्षेत्र के विकास में योगदान दें। यही हमारी अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इसके पूर्व कवि सलमान घोषवी ने अपने गीत वतन की आन लिख देना वतन की बान लिख देना ना हिन्दू लिख देना ना मुसलमान लिख देना …..के माध्यम से ग्रामीणों में समा बांध दिया। कार्यक्रम में पशुपतिनाथ राय इंटर कालेज, शहीद संस्मरण इंटर कालेज, किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय, आदर्श पूर्व माध्यमिक विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल एवं परिषदीय विद्यालयो के सभी छात्र छात्राओं व शिक्षकों ने भाग लिया।

इस मौके पर बाइक जुलूस शेरपुर से शहीद पार्क तक सैकड़ो युवाओं ने भाग लिया।श्रद्धांजलि सभा में सचिव सूर्यभान राय, विजयशंकर राय, हेमनाथ राय, कृष्ण मुरारी राय,रामबली राय, डा0 आलोक राय,मनीष कुमार राय, अजयशंकर राय,सिंटू राय ,जयशंकर राय,विभा राय, अनूप यादव, बुचु बाबा, पत्रकार श्रीराम जयसवाल, गोविन्द शर्मा,राज रतन राय, रतन, नीरज राय,दयाशंकर राय , दिव्यांशु ,प्रियांशु, रमेश राय,दीनबन्धु उपाध्याय, ज्ञानेंद्र राय ,सोनू राय , शशिशेखर राय, शिक्षक सजंय राय , जितेश राय ,ओमप्रकाश राय आदि लोगो ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।कार्यक्रम का संचालन बाला जी राय ने किया।

(अजय कुमार यादव की रिपोर्ट)