मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गाजीपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मुहम्मदाबाद के अष्ट शहीद इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर में पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार राहत देने में कोई कोताही नहीं बरतेगी। प्रशासन को पीड़ितों की मदद के लिए सख्त हिदायत दी गई है।

सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में औसत से कम बारिश हुई है। मध्यप्रदेश और राजस्थान से अतिरिक्त जल छोड़ने के कारण यूपी में बाढ़ की स्थिति है। इससे प्रदेश के 1100 गांव प्रभावित हुए। इसमें गाजीपुर जनपद के 33 गांवों के सात हजार लोग प्रभावित हैं। प्रशासन राहत शिविरों और घरों तक पीड़ितों को राशन पहुंचा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 288 नाव की व्यवस्था की गई है। 31 गोताखोर और 78 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। साथ ही पीड़ितों को 15 दिनों की राहत सामग्री दी जा रही है। सरकार युद्ध स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की सहायता में जुटी है।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम में करीब एक घंटे की देरी से 2.54 बजे पहुंचे हेलीकॉप्टर से पहुंचे। राहत शिविर में सामग्री वितरण, छह मिनट के संबोधन, समीक्षा बैठक और प्रेस वार्ता के कुल आधे घंटे के कार्यक्रम के बाद 3.30 बजे चंदौली के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा, जालौन आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रदेश के मंत्री दौरा कर रहे हैं। वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली के दौरे पर मैं स्वंय आया हूं।गाजीपुर में एनडीआरएफ और फ्लड यूनिट की तैनाती की गई है। पांच हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण दलहन, तिलहन की बुआई प्रभावित हुई है। बहुत से किसानों की धान की खेती नहीं हो पाई है। सरकार सीमांत और लघु किसानों को दलहन, तिलहन और सब्जी खेती करने के लिए दो हजार मीट्रिक टन बीज दिए जाएंगे।कार्यकम में बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि शासन की तरफ से बाढ़ के समय जो भी मदद हो सकती है, उसे दिया जा रहा है। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएलसी विशाल सिंह चंचल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी रही।
