गाजीपुर । नगर पालिका परिषद गाजीपुर की चुनाव में सपा को मिली करारी हार को लेकर सपा के सदर विधायक जै किशन साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए सपा नेता विवेक सिंह ने कहा निकाय चुनाव में बिजेपी प्रत्याशी को जिताने के लिये सौदा किये थे। दरअसल आज जिला पंचायत हाल में 350 समर्थकों के साथ सपा नेता विवेक सिंह शम्मी ने सपा का दामन छोड़ दिया। इसकी पुष्टि प्रेसकांफ्रेन्स कर मीडिया के सामने की है। इस दौरान विवेक सिंह शम्मी ने कहा कि जबतक सदर विधायक जै किशन साहू अपने पद पर रहेंगे तबतक सपा से नहीं जुड़ सकता हूँ। फिलहाल मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता था और रहूंगा और जनता की सेवा करूंगा। इस दौरान उन्होंने निर्वाचित नगरपालिका अधयक सरिता अग्रवाल के पति विनोद अग्रवाल के साथ सदर विधायक जै किशन साहू का एक फोटो मीडिया के सामने पेश कर बताया कि ये तस्वीर यही वयां कर रहा है कि निकाय चुनाव में बिजेपी प्रत्याशी को जिताने के लिये और सपा को करारी हार दिलाने के लिए सौदा किये है। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि सदर विधायक की सौदेबाजी से जीत रही सपा की सीट हार में बदल गई। बता दें कि समाजसेवी और पिछले निकाय चुनाव में सपा से रनर अप रहे विवेक सिंह शम्मी ने आज जिला पंचायत सभागार में प्रेसवार्ता की और सदर सपा विधायक जैकिशन साहू पर गंभीर आरोप लगाये और समाजवादी पार्टी को छोड़ने की भी घोषणा की। दरअसल विवेक सिंह शम्मी पिछली बार समाजवादी पार्टी से गाजीपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिये चुनाव लड़े थे और दूसरे स्थान पर रहे थे।शम्मी का आरोप है कि 2023 के चुनाव में सदर विधायक जै किशन साहू ने उनका टिकट काट दिया और दिनेश यादव को टिकट दिलवाया।दिनेश यादव चुनाव हार गये हैं और शम्मी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस हार के लिये सदर विधायक जैकिशन साहू जिम्मेदार हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सदर विधायक ने बीजेपी प्रत्याशी को जिताने के लिये सौदा किया है। हमने और हमारे 350 सदस्यों ने जैकिशन साहू के विधानसभा सदस्य रहने तक समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जैकिशन साहू और चैयरमैन की बीजेपी विजयी प्रत्याशी सरिता अग्रवाल के पति विनोद अग्रवाल और सदर विधायक की साथ की एक फोटो भी मीडिया को दिखायी और आरोप लगाया कि 2022 में ही उन्होंने बीजेपी को जिताने के लिये प्लान तैयार कर लिया था।विनोद अग्रवाल और सदर विधायक दोनों लोग बनिया समाज से आते हैं और विनोद अग्रवाल पर भी आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में बनिया होने के नाते
जैकिशन साहू की मदद की थी।शम्मी का आरोप है कि एक फोटो सदर विधायक द्वारा हाईकमान को दिखायी गयी थी ताकि उनका टिकट काटा जा सके।कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद के पीजी कालेज आये थे और इस दौरान विवेक सिंह शम्मी ने एक पोस्टर शहर में लगवाया था जिसमें उनकी फोटो योगी की फोटो के साथ लगी हुई थी। इसपर सफाई देते हुए शम्मी का कहना था कि मैं पीजी कालेज शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का अध्यक्ष हूं और मुख्यमंत्री हमारे कालेज में आये हुए थे इसलिये प्रोटोकाल के अनुसार मैंने इस पोस्टर को लगवाया था और इसे लखनऊ में दिखाकर मेरा टिकट काटा गया।प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शम्मी ने सदर विधायक का एक वीडियो भी दिखाया जिसमें वो सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल से कहते हुए नजर आ रहें हैं कि यदि मैं गाजीपुर की सीट को नहीं जीता पाया तो मैं चपरासी के तौर पर काम करने को तैयार हूं।निकाय चुनावों के टिकट वितरण में समाजवादी पार्टी द्वारा जमकर धांधली की गयी । जिसकी वजह से इनके 25 में से 21 सभासद हार गये।साहू समाज का वोट जैकिशन साहू समाजवादी पार्टी को नहीं दिला पाये और बीजेपी के कैडर की तरह काम करते रहे।
