मोहम्मदाबाद ;मोहर्रम का चांद फ़लक पर दिखते ही क्षेत्र में या हुसैन या हुसैन की सदाये सुनाई देने लगी

 मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में देर रात तक मजलिसों मातम का सिलसिला शुरू , सभी अज़ादार इमाम साहब को नज़राने अक़ीदत पेश कर रहे है ।


मोहम्मदाबाद तहसील के अरजानीपुर गांव निवासी सैयद खुर्शीद हैदर हुसैनी ने मोहर्रम के सिलसिले से बताया कि मोहर्रम में ही इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम तथा उनके 72 साथियों को जिसमे 6 महीने के बच्चे भी शामिल थे, उनको ज़ालिम यज़ीद ने 10 मोहर्रम 61 हिजरी को कर्बला के तपते जंगल में भूखा और प्यासा शहीद कर दिया गया था ।

उन्होंने बताया कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की शहादत पर ये मोहर्रम का महीना ग़म के रूप में मनाया जाता है।