मुंबई: भाजपा की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की नई महापौर निर्विरोध चुने जाने पर भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।भाजपा कार्यकर्ता राहुल यादव ने महापौर रितु तावड़े से मिलकर बुके भेट कर अपना हार्दिक बधाई व शुभकामनाए व्यक्त किया।
राहुल यादव ने दैनिक फॉर मीडिया के बातचीत में बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सशक्त नेतृत्व में विकसित मुंबई- सुरक्षित मुंबई के संकल्प को लेकर पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ साकार करेंगी।
मुंबई को वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्मार्ट महानगर बनाना, आधुनिक अवसंरचना, पारदर्शी प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सुशासन के माध्यम से लोगो का जीवन और अधिक समृद्ध व सुरक्षित बनाना प्राथमिकता है। रितु तावड़े महापौर कार्यकाल जनसेवा, विकास और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
आगे कहा कि नए नेतृत्व, सशक्त नगर शासन और मुंबई के विकास के एक नए अध्याय का संकेत है।
उक्त जानकारी के अनुसार लगभग चार दशक बाद ऐसा अवसर आया है। जब इस पद पर भाजपा का कब्जा हुआ है। शिवसेना (यूबीटी) ने महापौर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया, जिसके चलते चुनाव बिना मुकाबले संपन्न हो गया।
ठाकरे परिवार का 25 वर्षों का प्रभुत्व समाप्त
इस घटनाक्रम के साथ ही मुंबई नगर निगम पर ठाकरे परिवार का करीब 25 वर्षों से चला आ रहा प्रभुत्व समाप्त हो गया।वहीं, शिवसेना के संजय घाडी को उप महापौर चुना गया है।53 वर्षीय रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम क्षेत्र से तीन बार पार्षद रह चुकी हैं।उन्हें स्थानीय राजनीति, नगर प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर लंबे अनुभव के लिए जाना जाता है।पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, तावड़े जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाली नेता हैं, जिनकी आम नागरिकों से सीधी और मजबूत पकड़ है।प्रशासनिक कार्यों की समझ और क्षेत्रीय संपर्क के कारण उन्होंने अलग पहचान बनाई है।
तावड़े ने 2012 में वार्ड 127 से चुनाव जीतकर पहली बार बीएमसी में प्रवेश किया था।इसके बाद 2017 में उन्होंने घाटकोपर के वार्ड 121 से दोबारा जीत हासिल की। हाल ही में 15 जनवरी को हुए चुनाव में उन्होंने वार्ड 132 से विजय प्राप्त कर अपनी राजनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ किया। देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय में उनकी लगातार जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं, जिससे महायुति गठबंधन की कुल ताकत 118 पार्षदों तक पहुंच गई और महापौर पद पर जीत सुनिश्चित हो गई। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें हासिल कीं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 6 और शरद पवार गुट की एनसीपी को 1 सीट मिली।
