गाजीपुर, संवाददाता।
जनपद के ग्राम शक्करपुर (पोस्ट–शाहबाजकुली) में प्रस्तावित रेलवे अंडरपास (LHS) निर्माण को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। गुरुवार को रेलवे अधिकारियों की टीम ने ड्रोन के माध्यम से प्रस्तावित स्थल का विस्तृत सर्वे किया। इसे अंडरपास निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
यह पहल सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित कर इस कार्य को गति प्रदान की। उनके प्रयासों से ही शक्करपुर में प्रस्तावित अंडरपास का ड्रोन सर्वे संभव हो सका।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस सर्वे का उद्देश्य अंडरपास एवं संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी आंकड़े एकत्र करना है, ताकि आगे विस्तृत सर्वे, डिजाइन एवं टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके। इस दौरान तकनीकी टीम ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, भूमि उपलब्धता और कनेक्टिविटी का निरीक्षण किया।
डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जुलाई 2025 से इस परियोजना को लेकर रेलवे एवं राज्य सरकार के बीच लगातार पत्राचार और प्रयास किए जा रहे थे। हाल ही में जिलाधिकारी, गाजीपुर द्वारा अंडरपास निर्माण के लिए एनओसी (NOC) जारी कर प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी बाधाओं के कारण कार्य में देरी हुई, लेकिन अब अधिकांश समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
ड्रोन सर्वे के दौरान रामकृत प्रजापति सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से अंडरपास की मांग कर रहे हैं और कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, शक्करपुर के पास रेलवे लाइन पार करना हमेशा जोखिम भरा रहा है। करीब सात गांवों के लोग, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बुजुर्ग रोजाना ट्रैक पार करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दिसंबर 2025 में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद यह मांग और तेज हो गई।
डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वाराणसी से मुलाकात, ई-मेल, व्हाट्सऐप और टेलीफोन के माध्यम से लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह तक विस्तृत सर्वे का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने सरकार और रेलवे प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंडरपास का निर्माण जल्द शुरू होने से हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वाराणसी, जिलाधिकारी गाजीपुर तथा उप-जिलाधिकारी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके सहयोग से यह परियोजना आगे बढ़ सकी।
फिलहाल, ड्रोन सर्वे के बाद गांव में नई उम्मीद जगी है और लोगों को विश्वास है कि वर्षों से लंबित यह मांग अब जल्द पूरी होगी।
