स्वतंत्रता ‘अमृत’ जैसी ही होती है- दुर्गेश उपाध्याय

गाजीपुर:भारत की आज़ादी के 75वें वर्ष में पूरा देश ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।इसी क्रम में विद्या भारती द्वारा संचालित, एकल अभियान, इतिहास संकलन समिति अवध, पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं विश्व संवाद केन्द्र अवध के संयुक्त अभियान राष्ट्रहित में सर्वस्व समर्पित करने वाले महापुरुषों के स्मृति कार्यक्रम में, राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) के लखनऊ स्थित सरस्वती कुंज में मुख्य वक्ता के रूप में यूपीडा के सूचना सलाहकार दुर्गेश उपाध्याय ने कहा कि स्वतंत्रता शब्द अपने आप मे किसी अमृत से कम नही है।जब व्यक्ति स्वतंत्र होता है तो हमेशा प्रतिपल अमृत जैसे ही भाव महसूस होता है।जब देश आजाद हुआ तो देश के पास एक बड़ी समस्या थी कि सबको एक सूत्र में कैसा पिरोया जाए तो ये बागडोर प्रबुद्ध जनो के हाथ मे आयी जिन्होंने धीरे धीरे आजादी के 75 साल पूरा किया।जो हम लोग आजादी के अमृत महोत्सव मना रहे है।

कार्यक्रम में कुल 50 अतिथियो भाग लिए।जिसमे भारतीय सेनाओं के परमवीर चक्र, अशोक चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल आदि से सम्मानित महानुभाव, प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारी गण, शिक्षाविद्, चिकित्सा जगत के मूर्धन्य लोगों के साथ साथ हायर सेकन्डरी शिक्षा की छात्राएं एवं छात्रं भी सम्मलित हुए।

इसका लाइव प्रसारण विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के मुख्यालय सरस्वती कुंज, निराला नगर, लखनऊ के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केन्द्र से प्रसारित किया गया।