गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद का नाम बदल कर अष्ट शहीद नगर करने के लिए सी एम योगी को पत्र लिख कर मांग की गयी है।इस संदर्भ में युवा समाजसेवी एवं उद्योगपति संजय राय शेरपुरिया के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी गाजीपुर से मिल कर मुख्यमंत्री के नाम पत्रक सौंपा गया।
पत्रक में मुहम्मदाबाद का नाम बदल कर अष्ट शहीद नगर एवं शेरपुर गांव को शहीद .सेनानी गांव का दर्जा देने की मांग की गयी है।इस संदर्भ में एस डी जी चौपाल के नेशनल एंबेसडर संजय राय शेरपुरिया ने बताया की अब तक मुहम्मदाबाद में किसी मुहम्मद ने जन्म नहीं लिया है इस लिए आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले अष्ट शहीदों की याद में मुहम्मदाबाद का नाम अष्ट शहीद नगर किया जाये।
साथ ही मुहम्मदाबाद तहसील के 100 से ज्यादा स्वतंत्रता सेनानियों के एक गांव शेरपुर को शहीद-सेनानी गांव का दर्जा दिया जाये।संजय राय शेरपुरिया ने बताया की आजादी के अमृत महोत्सव पर आजादी के महायज्ञ में आठ आठ सपूतों की आहूति देने वाली तथा सैकडों स्वतंत्रता सेनानियों की जननी बलिदानी धरती शेरपुर गंगा के तट पर अवस्थित है।
शेरपुर की भौगोलिक सीमा लगभग 22 हजार एकड है।यह गांव भौगोलिक एतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को समेटे हुए अपने आपको आजादी के 75 वे सालो में अपने आप को बहुत पीछे खडा पा रहा है।आज तक इसके त्याग बलिदान एवं कद के अनुरूप इसका सम्मान एवं बिकास नहीं हो पाया है।
यह गांव शिक्षको अधिकारियों.उद्यमियों. पत्रकारों.पद्मश्री से सम्मानित व्यक्तियो.ख्यातिलब्ध चिकित्सकों.अभियंताओं. अधिवक्ताओं.अन्तर्राष्ट्रीय बालीबाल खिलाड़ियों राष्ट्रीय स्तर के पहलवानों सेना अर्धसैनिक बल.पुलिस. पुलिस में उच्च अधिकारियों सहित काफी संख्या में सैनिकों की जननी रही है।आजादी का जो लिखित स्वरूप है उसमें 18 अगस्त 1942 की उस घटना को उस रूप में अंगीकृत नहीं किया गया है। यह राष्ट्र के लिए मंथन एवं चिंतन योग्य है। जबकि यह शेरपुर के लिए गौरव का विषय है। शेरपुर एवं गाजीपुर जनपद के 10000 से भी ज्यादा लोगों ने इसके लिए अपना समर्थन भी दिया है।
