पूर्व खेल उपनिदेशक डॉo मृत्युन्जय नाथ राय की स्मृति में प्रतिमा व व्यामाशाला का हुआ लोकार्पण

अमर शहीद हमारे प्रेरणाश्रोत है,उनके सपनों को पूरा करने के लिए युवा बर्ग आगे आए -सांसद बीरेंद्र सिंह मस्त

भांवरकोल। जिस धरती की माटी की में जाति पाती एवं संप्रदाय से ऊपर राष्ट्र धर्म सर्वोपरि है ।मैं ऐसे शहीदी धरती का सांसद बनकर मैं अपने को गौरवान्वित महसूस करता हूं। उक्त उदगार बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने शेरपुर गांव में राष्ट्रीय कुश्ती के मेडलिस्ट एवं बीएचयू के खेल निदेशक रहे स्वर्गीय मृत्युंजय राय और पंथजी की स्मृति में शेरपुर में सांसद निधि से नवनिर्मित ब्यायामशाला एवं उनके प्रतिमा का अनावरण करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि इस माटी के अमर शहीदों का कोई मामूली व्यक्तित्व नही बल्कि उस जमाने के इस गांव के सबसे क्रीम लोगों में उनकी गिनती हुआ करती थी । डॉक्टर शिव पूजन राय सहित सभी अमर सेनानी अति प्रतिभाशाली थे। लेकिन जब राष्ट्र पर बलिदान होने की बात आई तो अगली पंक्ति में खड़े होकर सीने में गोली खाकर भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने में अपने अपने पा़ण न्यौछावर कर दिए।

इस बात को मैंने देश की संसद में कहीं थी कि मैं ऐसे शेरपुर गांव का भी जनप्रतिनिधि होने का गवॆ है जहां एक ही गांव के आठ नौजवानों ने मुहम्मदाबाद तहसील पर यूनियन जैक उखाड़ कर तिरंगा लहराते हुए सीने में गोली खाकर अपने को मां भारती की बलिबेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अंग्रेजी सत्ता को देश छोड़ने को मजबूर कर दिया। वे देश के लिए हमेशा प्रेणाश्रोत रहेंगे। उन शहीदों देश हमेशा ऋणी रहेगा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरे देश में ऐसी घटना कहीं नहीं हुई जहां एक ही गांव के 8 नौजवानों ने अपनी सीने में गोली खाकर अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा बुलंद किया और यूनियन जैक उखाड़ कर तिरंगा फहराने का काम किया ।उन्होंने कहा की इस शहीदी धरती के सपूत डॉक्टर मृत्युंजय राय भी थे जिन्होंने अपनी कुस्ती कला से देश का नाम रोशन किया ।वह मेरे अभिभावक थे।

 

आज मुझे उनकी प्रतिमा और उनके नाम पर व्यायामशाला का लोकार्पण कर में उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ।उन्होंने कहा कि शेरपुर गांव सनातन धर्म का ध्वजवाहक है इस गांव में एक से एक बढ़कर एक संत खपड़िया बाबा सहित तमाम संत इस गांव को अनुग्रहित किए हैं। उन्होंने यहां के युवा शक्ति का आवाह्न करते हुए कहा कि वे डॉक्टर शिव पूजन राय की परंपरा को आगे बढ़ते हुए शेरपुर के नौजवान मृत्युंजय राय की परम्परा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान कर हर क्षेत्र में हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन करें। यही उन अमर शहीदों को प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि इस गांव को कोई क्या देगा कोई सांसद हो विधायक शेरपुर कभी कुछ मांगता नहीं है।

लेकिन यह हम जनप्रतिनिधि का धर्म है कि जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप यहां कार्य करें। उन्होंने कहा कि शेरपुर के लिए गंगा का नदी के कटान रोधी कार्य के लिए सरकार से 3 करोड़ 30 लाख रुपए, शाहिद पार्क के पुनर्धार के लिए 95 ला शेरपुर कुंडेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण एवं निर्माण के लिए 4 करोड़ 15 लख रुपए तथा सीसी रोड के लिए 45लाख लख रुपए का कार्य योजना स्वीकृत कर इसका क्रियान्वयन किया । उन्होंने इस मौके पर घोषणा की की इस गांव में पशु चिकित्सालय एवं ई लाइब्रेरी के लिए मैं धन स्वीकृत कर जिलाधिकारी को निर्देश दे चुका हूं ।उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार की पुरानी परम्परा को आगे बढ़ाने में आगे आए। क्योंकि एकजुट होकर हम परिवार,गांव प़देश एवं देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में प्राकृतिक खेती के लिए शासन के स्तर से निशुल्क बीच का वितरण किया गया है उन्होंने किसानों का आवाहृन किया की योजना का गंगा किनारे के गांवों के किसान लाभ उठाएं।

इस मौके पर भाजपा के पूर्व विधायक अलका राय, बरिष्ठ नेता विजय शंकर राय,सारंधर राय, लक्ष्मण एवं यश भारती पुरस्कार बिजेता राममिलन यादव, डा0 राधेश्याम राय,भाजपा नेता बीरेन्द़ राय, मनोज राय, आनंन्द आनंन्द राय मुन्ना, डा0 राहुल राय, पियूष राय, ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख मुकेश राय, जिला पंचायत प्रतिनिधी अनिल राय,दुर्गा राय,रबीन्द राय,नवीन राय, जयप्रकाश राय, विद्यासागर गिरी, दिनेश राय चौधरी, राजेश राय बागी,शशांक शेखर राय, सतीश राय,डा0 रमेश राय, इन्द्रासन राय, जयानंन्द राय, डा0 रविशंकर राय, पिंन्टू राय, आनंन्द राय,आशीष राय  गुड्डू , ओमप्रकाश राय, शिक्षक बाला की राय, शिक्षक मनीष कुमार राय, भानु राय,  अनुज राय,ज्ञानेंद्र राय  आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिहर राय एवं संचालन मिथलेश राय ने किया।अंन्त में कार्यक्रम के संयोजक अंन्तराष्टीय रेफरी नवीन राय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया।