भांवरकोल: शेरपुर खुर्द में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन गुरुवार को कथा व्यास मध्यप्रदेश के अशोक नगर से पधारे राजेश जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 16108 विवाह किया था। राजेश जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भौमासुर का वध करके 16108 विवाह एक साथ संपन्न किया था। मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण की 8 पटरानियां हुई और 16100 रानी हुई ।

भगवान श्रीकृष्ण पांडवों के राजसूय यज्ञ में जाकर के जरासंध का वध किया। बचपन के मित्र सुदामा जी का द्वारिका जाकर के भगवान श्रीकृष्ण से मिलन हुआ। जीवन में मित्र बनाओ लेकिन स्वार्थ नहीं होना चाहिए मित्र वह है जो सुख-दुख में साथ दे आज का मित्र स्वार्थी हो चुका है। जिसके अंदर स्वार्थ हो वह सच्चा मित्र नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में जाकर भगवान श्रीकृष्ण ने यज्ञ किया तथा 6 पुत्रों को जीवित करके माता देवकी को समर्पित किया। श्री सुखदेव जी महाराज के द्वारा कलयुग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग यानी कृष्ण में लीन होना जो भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन हो जाए वही कलयुग है।
शुकदेवजी द्वारा राजा परीक्षित को सूक्ष्म श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कराया गया। सुदामा और कृष्ण का मिलन, सुखदेव मुनि की विदाई, भागवत पूजन, फूलों की होली का सुंदर दर्शन कराया गया। इस दौरान समूचा कथा पांडाल जयकारे से गुंजायमान हो गया। अंत में आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान अंजली राय, डॉ0 सत्यानन्द राय, जयानंद राय मोनू,नीलम राय, रितिका राय, छोटन राय , उमेश यादव, आशुतोष राय ,मनीष राय ,बाला जी राय, राकेश राय ,विकाश राय पहलवान,रोशन राय, दीपक राय , सजंय राय, मृत्युंजय राय ,जुलुम खरवार आदि लोग शामिल रहे।
