पी.एन.आर.पब्लिक स्कूल शेरपुर कला में बच्चों ने छठ पूजा पर्व पर किया मन मोहक प्रस्तुति

भांवरकोल: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर शेरपुर कला में स्थित पी०एन०आर०आर पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।पूरी तन्मयता से छठ महापर्व का मंचन किया. बच्चों ने अर्घ्य देने से लेकर पारण तक पूरी प्रक्रिया बेहतरीन ढंग से की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाओं ने छठ गीत गाए और छोटे बच्चों ने पारंपरिक परिधान में सूर्यदेव को अर्घ्य देकर महापर्व को संपन्न किया। छात्र छात्राओ ने मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति दी।

जिसमे गीत
कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय…
पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया….
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए…
आदि आस्था से भरे इस छठ गीत को बच्चों के मुंह से सुनकर सभी तारीफ कर रहे थे। गीत प्रस्तुत करने वाले क्लास 1 से लेकर 8वीं क्लास  के छात्रो ने भाग लिया। विद्यालय के प्रांगण में छात्रों ने छठ पूजा की झांकी प्रस्तुत की. कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानाचार्य आयुष राय ने किया।

प्रबंधक अजय शंकर राय ने कहा कि यह पर्व पूर्वी भारत की सांस्कृतिक धरोहर है। हमें जल की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश देता है।छठ पूजा में जल का विशेष महत्व है और यह पर्व हमें नदियों और जलाशयों की स्वच्छता का पालन करने की प्रेरणा देता है। स्वच्छता से ही बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है और यह बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।

प्रधानाचार्य आयुष राय ने कहा कि छठ पर्व के हर विधान पर लोकगीत है।छठ पर्व हमें प्रकृति से जुड़ना सिखाता है और साफ-सफाई का महत्व बताता है। छठ पर्वों को लेकर नदी किनारे घाटों की सफाई होती है। छठ पर्व की महिमा ही ऐसी है कि युवाओं में छठ पर्व की परंपराओं को लेकर पुराने दौर की लोगों से अधिक जागरूकता है।
इस मौके पर अनूप यादव,विभा राय, चंदन उपाध्याय, निधि पांडेय,नितिका राय, अंकिता राय, आरजू, खुशी राय, नीतू राय आदि लोग मौजूद रही।

(अजय कुमार यादव की रिपोर्ट)