ग़ाज़ीपुर, 30 सितंबर 2019 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसको लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद, प्रमुख सचिव पंचायती राज व प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने जनपद के जिलाधिकारी के बालाजी और सीडीओ हरिकेश चौरसिया ,सीएमओ डॉ जी सी मौर्य सहित सभी सीएमओ को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कई निर्देश दिए।
इस संदर्भ में डॉ जीसी मौर्य ने बताया मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव के द्वारा कुपोषण को दूर करने के लिए 6 विभागों के मध्य अंतर विभागीय बैठक कर ‘कुपोषण को कैसे दूर किया जाए’ उस पर चर्चा की और पोषण माह का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होने बताया पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष पोषण माह की थीम है – ‘पूरक आहार’, जन्म से लेकर छः माह तक के शिशु के लिए माँ का दूध संपूर्ण आहार होता है। छः माह के बाद बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए माँ के दूध के साथ पूरक आहार अत्यंत आवश्यक होता है। बच्चों में कुपोषण का मुख्य कारण समय से व उचित मात्रा में पूरक आहार नहीं मिल पाना है।
यह पोषण माह के चार सप्ताह की अलग-अलग थीम है। पहला सप्ताह-पुरुष भागीदारी सप्ताह, दूसरा किशोरी सप्ताह, तीसरा बाल सप्ताह व चौथा माता सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। हर सप्ताह दो बार ग्राम्य स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस माह में बचपन दिवस, ममता दिवस, अन्नप्राशन दिवस, गोद भराई व माह की 13 तारीख को बाल सुपोषण उत्सव मनाया जाएगा। इस उत्सव में छः माह से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र पर एक साथ समूह में बैठाकर खाना खिलाया जाएगा। इसके लिए माताएँ अपने घर से स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लाएँगी। इन व्यंजनों को बनाने में पुष्टाहार व स्थानीय सब्जियों एवं दालों का उपयोग किया जा सकता है।
पुरुष भागीदारी सप्ताह में वजन दिवस, सुपोषण दिवस, पोषण दिवस, पोषण वाटिका सुदृढ़ीकरण (स्कूलों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आँगन में परिवार के पुरुष सदस्यों की सहभागिता से सुनिश्चित करते हुए, पोषण वाटिका बनाने एवं पौष्टिक साग सब्जियाँ उगाने के बारे में उद्यान विभाग, अध्यापकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से गतिविधियां), सुपोषण स्वास्थ्य मेला, बचपन दिवस, ब्लॉक पोषण समिति की मीटिंग व ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) का आयोजन अलग-अलग दिनों में किया जाएगा।

किशोरी सप्ताह में किशोरी दिवस, पोषण फेरी, सुपोषण झांकी, वीएचएसएनडी पर अनुपूरक आहार पर चर्चा, सुपोषण झांकी, रेसिपी प्रदर्शन/प्रतियोगिता, किशोरी प्रभात फेरी, बाल सुपोषण उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
तीसरे सप्ताह यानि बाल सप्ताह में बाल सुपोषण उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य दिनों में पोषण फेरी, अन्नप्राशन दिवस, अर्ली चाइल्डहूड़ केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई), वीएचएसएनडी के दौरान अति कुपोषित (सैम) बच्चों की चिकित्सीय देखभाल एवं संदर्भन के बारे में माताओं से चर्चा की जाएगी। वहीं चौथे सप्ताह यानि माता सप्ताह में ममता दिवस, गोदभराई दिवस आदि तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

