अमेरिका में धड़का दिल; गाजीपुर में दिव्यांगों के लिए, फिर शुरू हो गया लगना निःशुल्क कृत्रिम अंग

 

रजिस्ट्रेशन, आय और मेडिकल प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं बस उन्हें दिव्यांग होना चाहिए।

आर्टिफिशियल अत्यधिक अंगों से वे अपने सामान्य काम भी बखूबी कर सकेंगे।

 

गाजीपुर:सिद्ध पीठ हथियाराम मठ पर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानी नंदन यती जी ने दर्जनो दिव्यांगों को सम्मानित किया जिनके कृत्रिम अंग गुरुवार को ही लगाए गए थे। महामंडलेश्वर यती जी ने कहा कि पंजाब में पैदा हुए वर्तमान में अमेरिका के सम्मानित अधिवक्ता हरीश भारती जी ने सिद्ध पीठ औढारी मठ पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग लगवाने की उच्च स्तरीय मशीन भिजवाकर गाजीपुर सहित पूरे पूर्वांचल पर एक बड़ा उपकार किया है।

 

 

 

यह उनके विशाल हृदय का द्योतक है। पूज्य यती जी ने कहा कि महीनों पहले यूएस के अधिवक्ता हरीश भारती जी से सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे जी ने वीडियो कॉलिंग पर हमारी बात कराया था। हमें खुशी हुई थी कि श्री दुबे के अनुरोध पर श्री भारती कृत्रिम अंग लगाने की मशीन सिद्ध पीठ औढ़ारी मठ पर लगाने की सहमति प्रदान किए हैं। हमने उन्हें बुढ़िया माई सिद्ध पीठ और आम जनता की तरफ से आशीर्वाद दिया था। दिव्यांगजन की दुआएं अधिवक्ता भारती के साथ शुभ रूप से फलित होंगी।

सोशल मीडिया से कृत्रिम अंग की हुई व्यवस्था-
अमेरिका के प्रतिष्ठित अधिवक्ता हरीश भारती ब्रजभूषण दूबे जी का वीडियो देखते थे इसी दौरान उनसे बातचीत शुरू हुई।
श्री दुबे ने पूर्वांचल में दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग लगाने कोई व्यवस्था न होने की चर्चा किया जिसके क्रम में हरीश भारती ने गाजीपुर में कृत्रिम अंग की मशीनों को लगाने की स्वीकृति दिया। अब तलाश थी एक ऐसे स्थान और ऐसे सामाजिक संगठन की जो इसे बिना किसी रूकावट के इस पवित्र कार्य को आगे बढ़ाए। ब्रजभूषण दूबे ने मानव सेवा समिति के प्रबंधक रमेश यादव और उनकी टीम को इसके लिए तैयार किया।

 

एनआरआई हरीश भारती ने सिद्ध पीठ औढ़ारी मठ को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से देखा और यहां के प्राकृतिक वातावरण और अनुकूलता को देखकर उन्होंने कानपुर से सारी मशीनें औढ़ारी मठ पर भिजवा दिया। हरीश भारती अपने संसाधनों से उत्तर प्रदेश के मेरठ उत्तराखंड पंजाब सहित कई स्थानों पर कृत्रिम अंग लगाने के संसाधन मुहैया करा चुके हैं।

मानव सेवा समिति के प्रबंधक रमेश यादव का कहना है कि जिस तरह से हरीश भारती जी ने निष्काम भाव से हम सभी पर विश्वास जताया है हम उस पर खरा उतरेंगे। प्रदेश अथवा अन्य प्रदेशों से दिव्यांग जन आना चाहें तो हम फ्री आफ कास्ट उन्हें कृत्रिम अंग लगाएंगे। सिद्ध पीठ औढ़ारी मठ मनिहारी विकासखंड में शहीद वीर अब्दुल हमीद रोड के पास स्थित है। यहां रेलवे स्टेशन जखनियां दुल्लहपुर एवं गाजीपुर से भी पहुंचा जा सकता है। यदि ऐसे लोग आने में अक्षम होंगे तो किसी भी रेलवे स्टेशन अथवा उनके बताए गए गाजीपुर के किसी भी स्थान से उन्हें सिद्ध पीठ औढ़ारी मठ पर पहुंचकर कृत्रिम अंग लगवाते हुए उन्हें उनके स्थान पर छोड़ा जा सकता है।
उक्त अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री रमाशंकर राजभर, भारतीय दिव्यांग शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर पी पांडे, वरिष्ठ राजनीतिक कार्यकर्ता मधुसूदन पांडे, सोशल लीडर बंसराज यादव, संतोष कुशवाहा, दाऊद इब्राहिम, अनिल यादव, टेक्नीशियन राहुल कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति ने सभी कृत्रिम अंग लगाये जाने वाले दिव्यांगजन को माला पहनाकर अंग वस्त्रम देते हुए उनका अभिनंदन किया।