जमानियां:असाम के दीमापुर में आर्मी के सिग्नल कोर में तैनात क्षेत्र के देवैथा गांव निवासी जवान शाह आलम (25) पुत्र बदरुद्दीन खां का ड्यूटी के दौरान मंगलवार को अचानक हुए सड़क हादसे में शहीद हो गए।जवान का पार्थिव शरीर गुरुवार को सेना के अधिकारी ताबूत में लेकर गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया।जवान के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।जवान के ताबूत पर उपजिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह व तहसीलदार आलोक कुमार और कोतवाल राजीव सिंह, उपनिरीक्षक सुनील तिवारी सहीत सेना के अधिकारियों और जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी।इसके बाद परिजनों सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान के शव गांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।देश के लिए फर्ज निभाते हुए मंगलवार की सुबह 8 बजे के करीब आसाम के दीमापुर में सेना में तैनात क्षेत्र के देवैथा गांव के वीर जवान शाह आलम उम्र 25 पुत्र बदरुद्दीन खां ड्यूटी के दौरान अचानक हुए हादसे में शहीद हो गए। मंगलवार की दोपहर सेना के कैप्टन अर्पण ने फोन से जब यह खबर परिजनों को दिया तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक तरफ जहां पुत्र के देश के लिए फर्ज निभाते हुए शहीद होने की खुशी तो परिवार के इकलौते कमाऊ पुत्र के असमय निधन का गम। पुत्र की मौत से पिता बदरुद्दीन और माता अख्तरी का रो-रो कर बुरा हाल था। वहीं पत्नी नूरजहां भी रो-रो कर बेसुध हो जा रही थी। शहीद शाह आलम अपने पीछे इकलौता पुत्र शहजाद 2 वर्ष तथा इकलौती पुत्री कसूफ को छोड़ कर चला गया। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर ग्रामीण जब अंतिम यात्रा के लिए निकले तो भारत माता की जय और शहीद शाह आलम अमर रहें के नारे रास्ते भर लगते रहे। वर्ष 2004 में सेना के सिग्नल कोर में भर्ती शाह आलम बहुत ही होनहार और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी शहादत से पूरा गांव मर्माहत हो गया हैं।
