गाजीपुर जिला मुख्यालय पर स्थित सेण्ट जान्स स्कूल के प्रांगण में पूर्वांचल ग्रामीण चेतना समिति के सौजन्य से विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित खेलकूद एवम सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांगों ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।इस खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों से लेकर वयस्को ने बढ चढ कर हिस्सा लिया और बिभिन्न प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम में गाजीपुर के अलावा बलियां. मऊ.चन्दौली व प्रयागराज से आए दिव्यांगों ने एक से बढकर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खुद के अक्षम न होने का दावा भी पेश किया।
कार्यक्रम में सबसे पहले खेलकूद प्रतियोगिता हुई।50 मीटर व 100 मीटर दौड.ट्राइसाइकिल दौड.चम्मच दौड.मेढक दौड.बैशाखी दौड. के अलावा दिव्यांग महिलाओं के लिए भी रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी।इन प्रतियोगिताओं में अव्वल आने वाले आदित्य. अभिषेक मौर्या. विशाल यादव. ओमप्रकाश. शिवानी.आकाश.नसीम.व सोनी को पुरस्कृत किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरस्वती वंदना. स्वागत गीत.नृत्य गीत.सामूहिक कौव्वाली आदी की प्रस्तुति की गयी।शानदार प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग शोभा कुमारी योगेश. दिनेश आदि को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
लगभग दो हजार दिव्यांगों को भोजन कराने के साथ ही उन्हें कंबल व उपहार भेंट किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी प्रभाष कुमार. जिला बिकास अधिकारी नाबार्ड सुशील कुमार. सी एम ओ गिरिश चन्द्र मौर्य व प्रधानाचार्य फादर गुरू संतराज ने दीप प्रज्वलन कर किया।
खेलकूद प्रतियोगिता का मशाल दिखाकर शुभारम्भ किया गया।
अपने संबोधन में उपजिलाधिकारी प्रभाष कुमार ने कहा की दिव्यांगों ने अपनी प्रस्तुतियों से यह साबित कर दिया की वे अक्षम नहीं सक्षम हैं।उनमें बहुत से दिव्य गुण है।उन्हें निखारा जाए तो उन्हें जीवन में आगे बढने से कोई रोक नहीं सकता है।जरूरत है दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा से जोडने की।इस तरह के आयोजन सराहनीय है।इस तरह के आयोजन समय समय पर होने चाहिए।इस अवसर पर फादर जुलिएन.फादर ज्ञान प्रकाश.के अलावा गणमान्य ब्यक्ति उपस्थित रहे।
संचालन निर्मल कुमार व दीपक कुमार व आभार फादर गुरू संतराज ने प्रकट किया।@विकास राय
