मनिहारी परियोजना में बीमार नवजात शिशु की पहचान एवं रेफरल सेवा मॉड्यूल पर दिया गया प्रशिक्षण

ग़ाज़ीपुर- बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग जिसके ऊपर गर्भवती माताओं, किशोरियों और कुपोषित बच्चों के साथ ही नवजात बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी रहती है। जिसके मद्देनजर भारत सरकार पोषण अभियान चला रही है। इसी पोषण अभियान के तहत विभाग में कार्य कर रही सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आगनबाडी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नवजात बच्चों की देखभाल कैसे करे, महिलाओं में एनीमिया की कमी ,स्तनपान आदि की जानकारी के लिए 1 से 21 मॉडयूल तक अलग – अलग विषय पर प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत आज मनिहारी ब्लाक के बुजुर्ग सेक्टर पर आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया गया।

जिला स्वस्थ भारत प्रेरक जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया की नवजात बच्चे में संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है । ऐसी दशा में नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए मुख्य तीन काम माताओं को करना चाहिए । जिसमें स्तनपान,गर्माहट और गर्भनाल की देखभाल मुख्य है जो जीवाणु रहित व स्वच्छ वातावरण में किया जाए। उन्होंने बताया कि स्तनपान और गर्माहट नवजात शिशुओं की संक्रमण से सुरक्षा करेंगे वही गर्भनाल की देखभाल और जीवाणु रहित व स्वच्छ वातावरण संक्रमण से शिशु का बचाव करने में मददगार साबित होंगे। साथ है प्रिमेच्योर और कमजोर बच्चों के लिए कंगारू मदर केयर की मदद से स्तनपान कराना चाहिए जिससे कि बच्चा स्वस्थ रहें।

सुपरवाइजर रंजू द्विवेदी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के गृह भ्रमण के दौरा परिवार के लोगों को बीमारी के पहचान के बारे में बताना मुख्य काम है। जिससे समय रहते नवजात के बीमारी के बारे में परिजनों को पता चले ।और वह अपने क्षेत्र की आशा और आगनबाडी कार्यकत्रियों के माध्यम से नवजात के उचित इलाज के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र पर समय से पहुंच कर बच्चे का ईलाज कराए और शिशु मृत्यु दर में कमी लाए।

इस अवसर पर सुपरवाइजर आशा श्रीवास्तव, मेवाती देवी व लीलावती देवी के साथ ही सेक्टर की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री उपस्थित रहीं । प्रशिक्षण के अंत में रंजू द्विवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया ।