(खान अहमद जावेद )
उत्तर प्रदेश जनपद गाजीपुरll वीर अब्दुल हमीद का जनपद गाजीपुर ऐसा जनपद हैl यहां के बच्चे और बच्चियों को जब भी देश में कुछ करके दिखाने का मौका मिलता हैl ऐसा रिकॉर्ड उत्पन्न कर देते हैंl जो एक एक मिसाल बन जाता हैl गाजीपुर जनपद अंतर्गत सेवराई तहसील में स्थित मनिया गांव निवासी सूबेदार मेजर असलम खान की पुत्री साहिबा खातून ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है lगाजीपुर जनपद के युवाओं को फौजी क्षेत्र में कोई पिछड़ नहीं सकता हैl हर क्षेत्र में मौजूद है यह जनपद अब तक 12 कुलपति पैदा कर चुका है लेकिन अब गाजीपुर की पहेली मुस्लिम समाज की बेटी साहिबा खातून ने आर्मी मेडिकल कोर के इम्तहान को पास करके 22 साल की उम्र में 9 जनवरी 2020 को जोरहाट आसाम एयरफोर्स मेडिकल हॉस्पिटल में लेफ्टिनेंट के पद पर जॉइंट करके पूरे गाजीपुर जनपद के सर को ऊंचा किया हैl इस बात की जब जानकारी सेवराई तहसील के मनिया गांव में पहुंची तो पूरे मनिया गांव में जश्न का माहौल हो गयाl गांव के प्रधान एजाज अहमद ने कहा आज हमारा गांव का सर पूरे कम सारोबार ही नहीं बल्कि गाजीपुर मैं फक्र से ऊंचा हो गया हैl
कुमारी साहिबा खातून की शिक्षा गांव से आरंभ होकर दिलदारनगर के नोबल स्कूल से होते हुए इलाहाबाद, दिल्ली और सिकंदराबाद हैदराबाद आर्मी स्कूल से 2013 में हाई स्कूल और 2015 में बायो से इंटर करने के बाद मेडिकल की तैयारी में लग गई! वर्ष 2016 में आर्मी मेडिकल कोर एंट्रेंस एग्जामिनेशन और तेलीगाना राज मेडिकल एंट्रेंस एग्जामिनेशन पास करने के बाद फर्स्ट अगस्त 2016 को इंडियन नेवी हॉस्पिटल मुंबई में प्रवेश पिता के कहने पर उचित समझा! क्योंकि पिता खुद मिलिट्री के सूबेदार मेजर के पद पर नियुक्त थेl साहिबा खातून चार बहन एक भाई में चौथे नंबर पर हैं lइनका छोटा भाई असलम खान हैदराबाद से ही बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैंl इस परिवार का शिक्षा जगत से प्रेम की निशानी यह है lइनके दादा हाजी नियाज खान ने 1956 में बीएचयू से बीकॉम किया थाl इनके पिता असलम खान फौज से रिटायर होकर साउथ सेंट्रल रेलवे हैदराबाद में यार्ड मैनेजर के पद पर नियुक्त है l
उनके पिता भेंट वार्ता में बताया कि वर्ष 2016 में तेलंगाना राज्य मेडिकल कॉलेज एंट्रेंस एग्जामिनेशन और आर्मी मेडिकल कोर एंट्रेंस एग्जामिनेशन एक साथ पास करने के बाद पूर्ण रूप से देश की सेवा करने हेतु आर्मी मेडिकल कॉलेज कि 4 वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाना उचित समझाl मेरी बेटी को कुरान और नमाज से प्रेम होने के कारण आज अल्लाह ने उसे यह पद नवाजा हैl पूरे भारत में 150 सीट पर तकरीबन 600000 प्रत्याशी परीक्षा दिए थेl
इनकी माता सालेहा खातून ने विशेष भेंटवार्ता में बताया कि बेटी को शुरू से ही मेडिकल शिक्षा की तरफ लगाव था lहमेशा गांव में कहा करती थी कि मैं डॉक्टर बनोगी lअल्लाह ने उसकी दुआ को कबूल कर लियाl लेफ्टिनेंट साहवा खातून ने विशेष टेलिफोनिक भेंटवार्ता में शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि लड़कियों के लिए इस समय अधिक अवसर प्राप्त हैं lशर्त सिर्फ यह है की शिक्षा पर अधिक से अधिक वह ध्यान दें lउनके दिल की जो भी तमन्ना होगी उसे जरूर प्राप्त होगाl शर्त यह है कि भीड़ से अलग होना पड़ेगा lउन्होंने अपनी कामयाबी के लिए प्राइमरी शिक्षा के अध्यापक से लेकर माता पिता के दिखाए हुए रास्ते को पूर्ण रूप से पालन करने का नतीजा बताया और उसके साथ ही साथ कुरान की तिलावत और नमाज को हमेशा अपने साथ रखने का नतीजा हैl लड़कियों को तालीम को एक मिशन समझकर हासिल करनी चाहिए हमारे ऊपर घर से लेकर बाहर तक जिम्मेवारी होती हैl
