(खान अहमद जावेद ):उत्तर प्रदेश जनपद गाजीपुर!
क्या केंद्र सरकार चाहती है? यह सरकार के कुछ अधिकारीगण मुंह मियां मिट्ठू बनने के लिए अपने मन से आदेश देकर लोगों को भड़काने का कार्य कर रहे हैं !जैसा की दिल्ली में रमजान के अवसर पर पुलिस द्वारा मस्जिदों पर जाकर अजान नहीं देने के लिए मना किया गया थाl लेकिन जब मुख्यमंत्री और एलजी से वहां के लोगों ने वार्ता किया तो दूध का दूध पानी हो गया l
भारत के मस्जिदों से अजान हो रही है और लोग अपने घरों में की नमाज पढ़ रहे हैं lलॉक डाउन मैं 30 दिन तक जिला प्रशासनिक अधिकारियों के देखरेख में मस्जिदों से अजान होती रही और लोग घर पर नमाज पढ़ते रहेl लेकिन 25 अप्रैल 2020 को पहली रमजान से प्रशासनिक अधिकारियों के मन में क्या आया की मस्जिदों से अजान पर प्रतिबंध लगा दिया lजिसकी चारों तरफ निंदा की जा रही है lसंसदीय क्षेत्र गाजीपुर के कई ऐसे गांव मैं रहने वाले हिंदू मुसलमान का ब्लड रिलेशन है lइसलिए तमाम कोशिशों के बावजूद भी यहां दंगे नहीं होते हैं और एक दूसरे को अपना भाई मानते हैं l
जिला प्रशासन को तत्काल अपने फैसले को बदलना चाहिएl उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य फरीद अहमद गाज़ी ने कहा कि जिले में मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अज़ान फ़ौरन जारी करने की अनुमति शासन प्रशासन ने नहीं दी तो बड़ा आन्दोलन होगा
ये बातें उन्होंने सेवराई तहसील पर इस सम्बन्ध में ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों एवं उपस्थित लोगों के बीच कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी अज़ान देने से फैलेगा ,ये भाजपा सरकार का हास्यास्पद फ़रमान है। ये सरकार कोरोना से कम, मुस्लिमों व गरीबों मजदूरों से ज्यादा नफ़रत करतीं हैं । रमजान महीने का सम्मान सभी समुदाय के लोग करतें हैं lऔर सरकार रमजान का अपमान कररही है जो कत्तई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने इस मुश्किल को घड़ी में सभी समाज सेवियों जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि इस मुद्दे का सभी मिलकर साथ दे । उन्होंने फिर दुहराया कि सभी मस्जिदों में अज़ान पाचवकता लाउडस्पीकर पर पहले ही की तरह चालू कराने के लिए सरकार अनुमति देl इस अवसर पर कांग्रेस नेता अहमद शमशाद, पूर्व प्रधान उसिया जमालुद्दीन खा,उसिया प्रधान यूसुफ़ खा, इरशाद राईनी, शकील खान, फैय्याज आदि मौजूद थेl
इस संबंध में सांसद अफजाल अंसारी जो लॉग डाउन के कारण दिल्ली में मौजूद हैं l उन्होंने फोन पर बताया कि मुझे बात कुछ समझ में नहीं आ रही है lएक बार प्रशासन इजाजत देती हैl फिर चंद घंटों के बाद बदल देती हैl मुख्यमंत्री एक तरफ प्रशासनिक अधिकारियों को कहते हैं कि रमजान के अवसर पर किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिएl वहीं दूसरी तरफ प्रैक्टिकल मंजर कुछ और देखने को मिल रहा है जो काफी अफसोस नाथ हैl
