( रिपोर्ट-जावेद बिन अली )
शहीद वीर अब्दुल हमीद का जनपद गाजीपुर उत्तर प्रदेश जो बलिदान के लिए आजादी की लड़ाई से लेकर भारत पाकिस्तान के युद्ध तक हमेशा आगे रहा हैl करोना वायरस की लड़ाई में जब से प्रधानमंत्री द्वारा लॉक डाउन का घोषणा हुआ है तब से पूरे जनपद का हर व्यक्ति लॉकडाउन में अपना कर्तव्य निभा रहा हैl पूरे भारत की तरह यहां भी मस्जिद में अजान होती थीl और लोग घरों में नमाज पढ़ते थे lकहीं कोई ऐसी बात नहीं थी lलेकिन ठीक लॉक डाउन एक महीना बीत जाने के बाद जिला प्रशासन को क्या सूझा? उसने रमजान की पहली तारीख से गांव-गांव घूमकर प्रधानों द्वारा मस्जिद के इमाम को अजान देने से मना कर दिया गया ! लोगों द्वारा प्रशासन से लिखित सरकार द्वारा आदेश की कॉपी मांगी जा रही है lजिलाधिकारी का कहना है कि मुझे ऊपर से मना किया गया हैl
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मंत्री नंदगोपाल नंदिनी का कहना है कि अजान पर कोई प्रतिबंध नहीं हैl दूसरी तरफ वकफ बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन रजा का कहना है कि इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी l
संसदीय क्षेत्र गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी द्वारा प्रधानमंत्री एवं उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रयागराज को दिनांक 26 अप्रैल को पत्र देकर अवगत कराया है की गाजीपुर जनपद के निवासियों का संविधान के मौलिक अधिकार आर्टिकल 14 ,23, 25 का हनन हो रहा है l 23 मार्च से 24 अप्रैल तक गाजीपुर में केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन के आदेश पर 100% जनता मान रही थीl मस्जिद से समय के अनुसार पांचों वक्त अजान होती थीl लोग घर में नमाज पढ़ते थेl प्रधानमंत्री एवं उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से न्याय की गुहार लगाई हैl एक जनता प्रतिनिधि होने के बावजूद भी जिला के अधिकारियों द्वारा इस संबंध में बात करने से कतराना घोर आपत्तिजनक बात हैl
इस संबंध में विधायक मोहम्मद असलम राईनी ने मुख्यमंत्री एवं अपर मुख्य सचिव को दिनांक 25 अप्रैल को पत्र भेजा है lवही जनपद का प्रसिद्ध अल्पसंख्यक एमएच इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल खालिद अमीर ने दिनांक 27 अप्रैल को जिला अधिकारी एवं उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश प्रयागराज को पत्र भेजकर जिलाधिकारी के मौखिक निर्णय की तरफ ध्यान आकर्षित कराया हैl जिलाधिकारी द्वारा मौखिक आदेश से उत्पन्न परेशानियों को दूर कराने का आग्रह किया है lदूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के पूर्व डी जे पी मोहम्मद वजीर अंसारी ने जिलाधिकारी से विज्ञानिक तथ्य पेश करने को कहा है lजिलाधिकारी किसी भी जिम्मेवार व्यक्ति से इस संबंध में बात करने को तैयार क्यों नहीं होते हैं ?इस तरह का रवैया जिलाधिकारी के लिए शोभा नहीं दे रहा है !रमजान के अवसर पर हर व्यक्ति गरीबों के लिए दान करता है एवं ईश्वर से अमन और शांति की दुआ करता है !कहीं ऐसा ना हो इन गरीबों की आह प्रशासन पर न पड़ जाएl मैं खुद जिलाधिकारी से कई बार बात करना चाहा l लेकिन मोबाइल उठती नहीं है lएक बार मोबाइल उठी भी तो साहब मीटिंग में हैं lआज उनका स्टेनो बाबू ने कहा मैं अधिक कुछ नहीं जानता हूंl लॉक डाउन की वजह से मौखिक तौर पर अजान देने से मना किया गया हैl कहीं से आदेश नहीं आया हैl
