गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षक अपने अधिकारों की मांग को लेकर शनिवार को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से अपनी 11 सूत्रीय समस्या को शीघ्र निपटाने का अनुरोध किया। विकास भवन स्थित कार्यालय पर धरना दे रहे शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी भी की।

शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश सरकार उनके अधिकारों की अनदेखी कर रही है। अगर जल्दी ही उनकी समस्याओं को निपटारा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम में धारा 21 में संशोधन कर उसमें धारा 18 को जोड़ा गया है। धारा-18 में जो प्रावधान हैं, उससे शिक्षकों का प्रबंध तंत्र द्वारा शोषण किया जा रहा है। अब तक धारा-21 के तहत शिक्षकों को किसी भी प्रकार का दंड आयोग की अनुमति के बाद ही दिया जा सकता था। अधिनियम में संशोधन शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात है, वही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है। जिले भर का शिक्षक चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, विनियमितीकरण व अपने पदोन्नत के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। यहां धन उगाही की जा रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज शिक्षकों में असुरक्षा की भावना है। चेतावनी दी कि जिलास्तरीय समस्याओं का समाधान जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नहीं किया जाता है तो शिक्षक कार्यालय में तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। जिलाध्यक्ष नारायण उपाध्याय ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को पूरा करने के बजाय लटकाया जा रहा। कहा कि यदि समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। समस्याओं के प्रति विभागीय अधिकारी संवेदनहीन हैं।
शिक्षक नेता शिवकुमार सिंह ने कहा कि विभाग की तरफ से आयोग से कालेजों में नियुक्ति की गई है, लेकिन कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा हैं। प्रबंधक विभागीय आदेश का माखौल उड़ा रहे हैं। धरने में रामानुज सिंह, तुंगनाथ पांडे, सौरभ पांडे, विजय कुमार श्रीवास्तव, कैलाश यादव, विवेकानंद गिरी, राम अवतार यादव, शिव कुमार सिंह, प्रकाश चंद्र दुबे, रेयाज अहमद, रत्नेश राय, विजय शंकर राय, अमित राय, अनिल राय, अहद खां, अमरेंद्र सिंह, संतोष पांडे, रविन्द्र नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन जिला मंत्री राणा प्रताप सिंह ने किया।
प्रमुख मांगों की सूची
पुरानी पेंशन बहाली, निःशुल्क चिकित्सा, वित्तविहीन शिक्षकों के लिए समान कार्य समान वेतन, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक बनाने, स्थानांतरण नीति का सरलीकरण, विनियमितीकरण से वंचित व्यावसायिक शिक्षकों का विनियमितीकरण करना आदि 11 मांगे प्रमुख है।
