श्रीमद् भागवत में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया चित्रण, लगाए छप्पन भोग

भांवरकोल: क्षेत्र के शेरपुर खुर्द में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन मंगलवार को व्यासपीठ एवं गुरु पूजन के बाद कथा प्रारंभ की गयी जिसमें कथा व्यास राजेश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र अत्यंत ही विलक्षण व कर्मयोगी रहा है।

उन्होंने बालपन से लेकर जीवन पर्यंत अपनी लीलाओं से संसार को पार उतारा है।

कथा व्यास राजेश जी महाराज ने कहा कि प्रभु की बाल लीलाओं में भी संसार के लिए संदेश दिए हैं। बालपन में अनेकों दैत्यो का वध करने में भी लीला रही और संसार से बुरी आत्माओं को चुनकर परलोक भेज देना भी उन्हीं की लीला रही। भगवान के हाथों मरने से भी दुरात्माओं को मोक्ष की प्राप्ति हुई और संसार में शांति की स्थापना हो सकी।

उन्होंने ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप को देखने के लिए भगवान भोलेनाथ आए और दर्शन किया। भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में जाकर गाय चराई और गौ सेवा की इसलिए गाय की सेवा प्रत्येक घर मे होना चाहिए।और गाय विश्व की माता है।भगवान श्रीकृष्ण ने कालीदह से कालिया नाग को निकाला फिर भगवान ने चीर हरण लीला मे अज्ञान रूपी वस्त्र चुराये और ज्ञान भरकर वस्त्र दिए । इसके बाद गिरिराज की पूजा की और छप्पन प्रकार के भोग भगवान गिरिराज को अर्पण कराया गया। और श्रद्धालुओं ने गिरिराज की परिक्रमा लगाई।और नाचते गाते झूमते हुए उत्सव मनाया।

आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में पूतना वध, कालिया व कंस समेत अनेक दैत्यों का वध कर संसार में शांति स्थापित करना भी जीवन का लक्ष्य रहा। मौके पर गोपियों संग श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में भगवान की लीलाओं का गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने संस्कृति को बचाने के लिए धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान ग्राम प्रधान अंजली राय, प्रधान प्रतिनिधि जयानंद राय मोनू,डॉo सत्यानन्द राय, नीलम देवी, डाँo हिमांशु राय, राजेन्द्र राय,आलोक राय डब्ब्बू, आशुतोष राय,डब्लू राय ,ज्ञानेंद्र राय, बालाजी राय, मनीष राय ,उमेश यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

(अजय कुमार यादव की रिपोर्ट)