गाजीपुर: लोक आस्था का महापर्व छठ हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है। गुरुवार को छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य यानी डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया. 4 दिन चलने वाले छठ पर्व की शुरुआत मंगलवार को नहाय-खाय के साथ हुई थी. बुधवार को खरना प्रसाद बना. अब शुक्रवार (8 नवंबर) की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. इसके साथ ही छठ महापर्व का समापन हो जाएगा।

गुरुवार को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया था. छठ वर्तियों सूप, दउरा में प्रसाद रखकर कमर तक पानी में रहकर भगवान सूर्य को सांध्य अर्घ्य दिया गौसपुर, सुल्तानपुर, सेमरा शेरपुर बीरपुर , पलिया ,लोहारपुर घाटो के अलावा अस्थायी घाटों पर भी छठ पूजा की व्यवस्था की गई । जनपद के विभिन्न गावो के छठ व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया । वहीं, कई लोगों ने अपने घरों की छत और तालाबों में भी जाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया।
