सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पोखरी अतिक्रमण कारी उड़ा रहे हैं कानून की धज्जियां प्रशासन है मौन

जखनियाँ तहसील के नसीरपुर (पीपर पाती )में पोखरी गाटा संख्या 829 पर गांव के दबंगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है और गांव के लोग लगातार तहसील दिवस तथा अधिकारियों से मिलकर लगातार शिकायत कर रहे हैं मुख्यमंत्री का पोर्टल 1076 पर इसकी शिकायत किए हैं इसके बावजूद भी प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है जिससे उच्च न्यायालय के आदेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है। शुक्रवार को गांव के लोग सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक कर निर्णय लिया कि पोखरी पाटने वाले दबंगों पर यदि कोई कार्यवाही नहीं होती है तो जिला मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा ।बैठक को संबोधित करते हुए राजकुमार कश्यप ने बताया कि हम ग्रामीणों के साथ लेकर लगातार इसकी शिकायत अधिकारियों से कर रहे हैं किंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। बैठक को संबोधित करते हुए समग्र विकास इंडिया के प्रवक्ता गुल्लू सिंह यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि यदि 1965 फसली से पहले की भी कोई पोखरी अतिक्रमण है तो तत्काल प्रशासन उसे खाली कराए। किंतु नसीरपुर की पोखरी खाली लो होने से अधिकारियों की मिलीभगत समझ में आ रही है। यदि 1 सप्ताह में इस पोखरी के अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो हम सभी सामाजिक कार्यकर्ता ग्रामीणों संग जिला मुख्यालय पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

आज तालाब और पोखरीपोखरीयों के पाटे जाने की वजह से पानी का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है जो आने वाली पीढ़ी के लिए एक भयानक विकट की स्थिति उत्पन्न होती जा रही है इसे हम सामाजिक कार्यकर्ता कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे । उक्त अवसर पर मुख्य रूप से राजकुमार कश्यप ,गुल्लू सिंह यादव ,दिनेश पाल, केदार यादव ,अरविंद यादव ,वीरेंद्र पाल, राजेंद्र पाल ,गुड़िया देवी कलावती देवी ,जमुना पाल, रामरति देवी ,कमला यादव आदि लोग उपस्थित थे।