राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में विजयदशमी के दिन से प्रारंभ पथ संचलन के क्रम में रविवार शाम को धारा नगर खंड के हरिहरपुर प्राथमिक विद्यालय से बैजलपुर जमुना राम कॉलेज स्टोर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर पथ संचलन का आयोजन किया गया।

पथ संचलन में स्वयंसेवकों के स्वागत में बैजलपुर से लेकर हरिहरपुर तक जगह-जगह ग्रामीण महिला पुरुष फल में पुष्प लेकर स्वागत करते दिखे। पथ संचलन से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार एवं द्वितीय सरसंचालक गुरूजी गोलवलकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई मुख्य वक्ता भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक सुनील सिंह ने कहा कि है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में भारत के प्रत्येक गांव में अपनी शाखा लगाने एवं स्वयंसेवकों को राष्ट्र प्रेम के लिए घर-घर जाने के लिए विभिन्न आयोजन आयोजित कर रहा है ।

जिसमें पांच संकल्प लिए गए हैं जिन्हें पांच परिवर्तन की संज्ञा दी गई है जिसमें प्रमुख रूप से पर्यावरण परिवार प्रबोधन समरसता स्वदेशी जीवन शैली एवं नागरिक अनुशासन का नाम दिया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संचालक कुबेरनाथ पांडे ने कहा कि शताब्दी वर्ष में गांव-गांव में हो रहा पथ संचलन विकसित भारत के संकल्प को अवश्य पूर्ण करेगा। गंगा समग्र के पर्यावरण प्रमुख काशी प्रांत श्रीराम राय कमलेश ने कहा कि राष्ट्रीय सेवक संघ के पांच संकल्प में पर्यावरण संरक्षण भी एक मुख्य संकल्प है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के माध्यम से व्यक्ति व्यक्ति यदि वृक्षारोपण का संकल्प ले ले तो भारत पर्यावरण की दृष्टि से सुसमृद्ध हो जाएगा। वरिष्ठ स्वयंसेवक कृपाशंकर राय ने पथ संचलन के दौरान संगठन गढ़े चलो सुपंथ पर बढ़े चलो युग के साथ मिलकर तुम कदम बढ़ाना सीख लो आदि देशभक्ति भावना के गीतों से स्वयंसेवकों को उत्साहित करते रहे।संघ के पथ संचलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संचालक कुबेरनाथ पांडे रामजी गिरी वरिष्ठ स्वयंसेवक योगेश हरिमोहन पूर्व जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी सुनील सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृपा शंकर राय गंगा समग्र के पर्यावरण प्रमुख काशी प्रांत श्री राम राय कमलेश अवनीश अजीत राकेश उमेश अशोक सत्यम प्रवीण आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे। पथ संचलन में थाना अध्यक्ष मोहम्मदाबाद पुलिस बल के साथ आगे आगे चलते रहे।
