मुहम्मदाबाद। गंगा के जलस्तर में शनिवार को वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी तरफ सेमरा में जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों में दो बीघा से अधिक कृषि भूमि गंगा में कटान की भेंट चढ़ चुकी है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके के लोग बाढ़ आने की संभावना से भयभीत हैं।

पिछले सप्ताह गंगा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़कर अरार से लबालब होकर घटना शुरू हो गया था लेकिन दो दिनों से गंगा के जलस्तर में शुरू हुई वृद्धि से बाढ़ का खतरा पुन: मंडराने लगा है। सेमरा एवं शिवरायकापुरा को बचाने के लिए जो ठोकर बनाया गया है। उसके आगे गांव के पूरब शेरपुर तक जगह-जगह कृषि भूमि कटकर गंगा में समाती जा रही है। गंगा में जलस्तर बढ़ने से किसानों के साथ-साथ कटान पीड़ित लोग जो आसपास घर बनाकर रह रहे हैं वह भी चिंतित हो गए हैं। गांव को बचाने के लिए करोड़ों की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया है। उसके आगे भी ठोकर का निर्माण चल रहा है। उसके बाद भी तीन दिन पूर्व गंगा के जलस्तर में शुरू हुई वृद्धि से सेमरा में साधु राय के डेरा से लेकर परिया 53 मौजा एवं उसके आगे गंगा में कटान जारी है। तीन दिन के अंदर शेलेश राय, गोवर्द्धन यादव, प्रद्युम्न यादव सहित आधा दर्जन लोगों की कृषि भूमि कटान की भेंट चढ़ गई है। इसके अलावा मदन यादव की डेरा के पास लगी बांस की खूटी एवं सवरू यादव के बबूल के तीन पेड़ भी कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू होने से गौसपुर से लेकर वीरपुर तक लगभग दो दर्जन तटवर्ती गांव के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं।

