परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद, महावीर चक्र विजेता राम उग्रह पांडे सहित कई दर्जन वीर चक्र शौर्य चक्र से सम्मानित होने वाले जिला गाजीपुर की सैनिक कैंटीन 1 सितंबर से बंद कर दी गई है। मंगलवार को जिसके विरोध में समग्र विकास इण्डिया के नेतृत्व में सैनिकों के साथ सत्याग्रह किया गया। समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजभूषण दूबे ने कहा कि जिस जिले में 80000 से अधिक सैनिक हो तथा देश के सबसे अधिक सैनिक शहीद हुए हो वहां की कैंटीन केंद्र सरकार द्वारा बंद किए जाने का शर्मनाक विषय है। गाजीपुर जिले की सैनिक परिवार को अब अपनी मूलभूत आवश्यकताओं का सामान लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कैंटीन चालू होने की लड़ाई को हम तब तक संघर्ष करके लड़ेंगे जब तक यह दोबारा शुरू हो जाए। भूतपूर्व सैनिक सलाउद्दीन और पूर्व सूबेदार रविन्द्र यादव ने कहा कि हम लोग अपनी जरूरत की छोटी मोटी सामानों को क्रय कर लिया करते थे। जो सेना का जवान अपनी पूरी जिंदगी जीवन मौत से जूझ कर देश की रक्षा में लगे रहते हैं उनके साथ भी प्रशासन ऐसा खिलवाड़ करके अच्छा नहीं कर रहा है। गाजीपुर जिले की सेना के जवान देश का कोई भी स्थान ऐसा नहीं है जहां नहीं लड़ते हो। समग्र विकास इंडिया के प्रवक्ता गुल्लू सिंह यादव ने बताया कि हम इस लड़ाई को सैनिक के साथ होते हुए इसको उस मुकाम तक पहुंचाएंगे जब तक यह कैंटीन चालू न हो जाए। सैनिकों की समस्या को यहां के अधिकारी तथा यहां के प्रतिनिधि संसद तक अपनी बात पहुंचा कर कैंटीन को चालू करवाएं जिससे पूर्व सैनिकों तथा वर्तमान सैनिकों के परिवारों को कोई परेशानी ना हो। समग्र विकास इंडिया यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष शोभनाथ यादव ने कहा कि गाजीपुर जनपद शहीदों की धरती कही जाती यहां से लगभग कुल एक लाख की संख्या में वर्तमान तथा भूतपूर्व सैनिक है जिनको कैंटीन बंद होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा । रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार गाजीपुर की बंद कैंटीन चालू नहीं करती है तो समग्र विकास इंडिया बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

उक्त धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व सैनिक जय प्रकाश बिन्द, पूर्व सैनिक रामजी यादव, गुल्लू सिंह यादव ,आंशु पांडे ,राजकुमार कश्यप, पूर्व सैनिक रविन्द्र यादव, बंशराज यादव ,संजय यादव, साद शेख ,शहजाद अली, विवेक कुशवाहा, पूर्व सैनिक तेज बहादुर ,विनीत पांडे ,अरविंद कुशवाह, शम्मी रजा ,पारस चौहान, हनुमान बिन्द ,रामअधार बिन्द आदि लोग उपस्थित थे।

