देश में हो रहे पत्रकारों पर मुकदमा के संबंध में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा

गाजीपुर:यू0पी0 के मिर्जापुर में ‘‘मिड डे मील’’ के नाम पर सरकारी स्कूल में बच्चों को नून-रोटी खिलाने के प्रकरण पर रिपोर्टिग करके मामले को उजागर करके सम्बन्धित अधिकारियों तक पहंुचाने वाले कर्मठ पत्रकार (पवन जायसवाल) को खबर प्रकाशित/दिखाए जानेे के कुछ दिन बाद झूठे और गलत मुकदमें में फसाकर फर्जी अपराधिक मुकदमें में आरोपी बनाये जाने पर गाजीपुर पत्रकार एसोशिएशन अपना विरोध प्रदर्शित करता है। साथ ही कर्मठ पत्रकार पवन पर की गयी कार्यवाई की कठोर निन्दा करता है। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की स्वतंत्रता व स्वायत्तता जनहित में आवश्यक है, और जिसका समय-समय पर शासन प्रशासन और न्याय पालिका ने भी समर्थन किया है, लेकिन आज कल प्रायः देखा जा रहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला एक आम बात हो गयी है।

मिर्जापुर प्रकरण इसका ताजा उदाहरण है। हालांकि पिछले दिनों पवन जायसवाल की रिपोर्टिंग पर मिर्जापुर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्यवाई भी की थी, लेकिन मामला हाई प्रोफाइल होता देख मिर्जापुर जिला प्रशासन ने अपनी किरकिरी होता देख पवन के ऊपर झूठे मुकदमें दर्ज करा दिये जिसका बयान स्वयं पवन द्वारा दिया जा चुका है।हमारी मांग है कि सम्बन्धित विभाग और जिला प्रशासन उक्त पत्रकार के ऊपर गलत तथ्यों के आधार पर जो कानूनी कार्यवाही कर रहा है, उसे तत्काल प्रभाव से झूठे आरोप वापस किये जाये और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाई की जाय। जिससे निष्पक्ष पत्रकारिता (मीडिया) व अभिव्यक्ति के आजादी की गरिमा बची रहे।