ग़ाज़ीपुर, 12 सितम्बर 2019 – कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को पोषित करने के उद्देश्य से अप्रैल 2017 में जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गयी जो इन दिनों कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित होता नजर आ रहा है। मौजूदा समय में जहां 18 कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे इस केंद्र का लाभ उठा रहे हैं। वही अप्रैल 2017 से अब तक करीब 880 बच्चों को इस केंद्र में भर्ती कर ठीक किया जा चुका है। भर्ती बच्चों के परिजनों को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसी को लेकर जिला स्वस्थ भारत प्रेरक जितेंद्र गुप्ता ने पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचकर परिजनों को साफ-सफाई और पोषाहार के बारे में जानकारी दी।

इस केंद्र के नोडल और चिकित्साधिकारी डॉ तनवीर अफरोज, स्टाफ नर्स, फूड डाइटीशियन व अन्य स्टाफ के आपसी सहयोग से संभव हो पाया है। वहीं इस केंद्र पर नवंबर 2018 में सबसे ज्यादा 59 बच्चे भर्ती हुए थे जबकि दिसंबर 2018 में 49 और जनवरी 2019 में 39 बच्चे भर्ती किए गए।
स्टाफ नर्स गरिमा सिंह बताती है ‘1 सितंबर से शुरू हुए राष्ट्रीय पोषण माह में आंगनबाड़ियों के द्वारा कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को लाया जा रहा है। साथ ही कुछ बच्चे ओपीडी के माध्यम से भी भर्ती कराए गए हैं। बच्चों का वजन कर उनको कैटेगरी के अनुसार डॉ तनवीर अफरोज की देखरेख में इलाज और फूड डाइटीशियन की देखरेख में खानपान की जिम्मेदारी है।‘
स्टाफ नर्स बताती हैं ‘यहां पर आए हुए बच्चों को कैटेगरी के अनुसार चिन्हित किया जाता है जिसमें पहले और दूसरे स्टैंडर्ड डिविजन (एसडी) बच्चों की काउंसलिंग कर व न्यूट्रीशन देकर उन्हें वापस घर भेज दिया जाता है। जबकि तीसरे एसडी और चौथे एसडी कैटेगरी के बच्चों को 14 दिन के लिए भर्ती किया जाता है और उनके साथ रहने वाली मां को ₹50 प्रतिदिन के हिसाब से उनके खाते में दिया जाता है।‘
सराय शरीफ ब्लॉक देवकली के संजय कुमार बताते हैं ‘उनका बेटा लगभग एक साल का है। 3 सितंबर को भर्ती किया गया था तब उसका वजन 5.7 किग्रा था जो अब बढ़कर 5.8 किग्रा हो गया है। उनका कहना है कि यहा बच्चों की देखरेख अच्छे से की जाती है। मानिकपुर कोटे की रितिका यादव बताती हैं उनका बेटा एक साल का है कुछ दिन पहले ही केंद्र में भर्ती किया गया था जब उसका वजन 6.3 किग्रा था। 8 दिनों के बाद उसका वजन 6.4 किग्रा हो गया है।
ग्राम मानिकपुर कोटे ब्लॉक करण्डा की लाभार्थी रीना यादव बताती हैं ‘उनकी बच्ची एक साल की है और आंगनबाड़ी रीता सिंह के द्वारा यहाँ केंद्र में लाया गया है। धीरे-धीरे उसके वजन में बढ़ोतरी हो रही है। गहमर थाना क्षेत्र के बसूका गांव का अति कुपोषित बच्चा राजू एक साल का है और वह पिछले 13 दिनों से यहां पर भर्ती है। उनके परिजनों ने बताया कि बच्चे को बुखार आ रहा था और वह काफी कमजोर है। यहाँ के डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है। इन 13 दिनों में उनके बच्चे के स्वास्थ्य में काफी सुधार नजर आ रहा है।
इस संदर्भ में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जीसी मौर्या ने बताया शासन के द्वारा 10 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र स्वीकृत है लेकिन पोषण माह को देखते हुए इसे 20 बेड का किया गया है। साथ ही 6 ब्लाकों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम काम कर रही है जो कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर इन केंद्रों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। साथ ही आंगनबाड़ी और सीडीपीओ के द्वारा भी इस केंद्र पर कुपोषित बच्चों को पहुंचाया जा रहा है।
