मुहम्मदाबाद। ब्लाक मुख्यालय के पास रविवार की शाम हृदय विदारक घटना हुई। करेंट से बाप-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त दोनों हाफिज मुहर्रम (55) तथा उनका बेटा बीरू आली (20) होम्योपैथिक चिकित्सक भगवान राय के मकान की रंगाई-पोताई का काम कर रहे थे। वह कस्बे के ही कोटिया मुहल्ले के रहने वाले थे। आसपास के लोगों ने मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर महिला अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर रास्ता जाम भी किया, लेकिन एसडीएम मुहम्मदाबाद के समझाने पर वह शांत हो गए।
मूलतः अहिरौली गांव के रहने वाले चिकित्सक भगवान राय का दो मंजिला मकान तहसीलदार के सरकारी बंगले से लगभग सटा है। मकान के निचले हिस्से में वह अपनी डिस्पेंसरी चलाते हैं और ऊपर किरायेदार रहते हैं। दीपावली पर्व के लिए वह मकान की रंगाई करा रहे हैं। रंगाई के काम लगे हाफिज मुहर्रम अपने बेटे के साथ लगे थे। चश्मदीदों के मुताबिक ऊपर की मंजिल की रंगाई करते वक्त शाम करीब दो बजे लोहे की सीढ़ी पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के तार से स्पर्श हो गई। फिर तो दोनों बाप-बेटा आग की लपटों में घिर गए। उसके बाद चिकित्सक भगवान राय डिस्पेंसरी बंद कर वहां से निकल लिए। घटना से गुस्साए लोगों ने दोनों शवों को भगवान राय की डिस्पेंसरी के पास रख कर उन्हें बुलाने की मांग करने लगे। कुछ लोग महिला अस्पताल के पास पहुंच कर बलिया मार्ग पर जाम लगा दिए। उनका कहना था कि मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाए। उसी बीच एसडीएम मुहम्मदाबाद राजेश गुप्त, सीओ मुहम्मदाबाद चंद्रपाल शर्मा, कोतवाल मुहम्मदाबाद धर्मेंद्र कुमार पांडेय सदलबल मौके पर पहुंचे और नागरिकों को समझाबुझा कर शांत कराए। उसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेकर कोतवाली भेजा गया। कोतवाल मुहम्मदाबाद धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि यह एक अफसोसनाक हादसा है। लिहाजा मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने का कोई कारण नहीं बनता है। पीड़ित परिवार को सरकार के स्तर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
