देहदान के बाद तेरहवीं में हुआ पौधरोपण

गाजीपुर:मरणोपरांत काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में समाजसेवी ब्रजभूषण दुबे की मां लीलावती देवी का पार्थिव शरीर 7 जनवरी को समर्पित कर दिया गया था जिनकी तेरहवीं सोमवार को पौधरोपण की साथ संपन्न की गई।उक्त अवसर पर आम नीम एवं आंवले के आधा दर्जन पौधों को रोपित कर पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया गया।
क्यों है देहदान प्रासंगिक-
पौधरोपण के उपरांत संपादित हुई गोष्ठी को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सच्चिदानंद राय (चाचा) ने कहा कि यदि पार्थिव शरीर के प्रति हमारा मोह ऐसे ही बना रहा तो चिकित्सा विज्ञान के छात्र पढ़ाई कैसे करेंगे?
महिलाओं का नेतृत्व कर रही पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने जोर देकर कहा कि हमारे देश में यदि लोगों की रुझान नेत्रदान अंगदान एवं देहदान के प्रति बढ़ती है तो हम दुर्घटना में घायल तमाम लोगों की जान बचा सकते हैं आज इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।मऊ जनपद के निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज राय ने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक के संस्कारों को हम पौधरोपण से जोड़कर धरती को हरा-भरा बना सकते हैं।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सावित्री बहन ने कहा किदेव धाम से हम कार्बन उत्सर्जन वृक्षों के कटान एवं गंगा मां को बचाने में जहां सफलता प्राप्त करेंगे वहीं मेडिकल के बच्चों को एक बड़ा उपहार भी दे सकेंगे।कलाम पाक में है दरख़्त का काफी महत्व-सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी जफरुल्लाह ने कहा कि कलाम पाक में वृक्षों को नुकसान पहुंचाना आपराधिक कृत्य माना गया है।
तेरहवीं में करते हैं पौधरोपण-
अपनी मां लीलावती देवी का देहदान संपन्न करने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दुबे लगभग दो दशकों से त्रयोदशाह, जन्म ब्रज भूषण दुबे लगभग दो दशकों से त्रयोदशाह, जन्मदिन वैवाहिक कार्यक्रम, नामकरण आदि
उत्सवों पर पौधरोपण करते हैं। यह परंपरा गाजीपुर के विभिन्न अंचलों में फलीभूत हो रही है, परिणाम स्वरूप अब तक हजारों पौधे वृक्ष बनकर लहलहा रहे हैं।उक्त अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री बहन, कैप्टन योगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता शन्ने भाई, लाल बहादुर पांडे,जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश यादव,भाजपा नेता संतोष यादव, डॉ केएन सिंह, अनिल शर्मा, गुल्लू सिंह यादव, हनुमान बिंद, जनार्दन सिंह सर्वोदय, तुंगनाथ राय, शिक्षक आनन्द यादव,सुनील यादव,चन्दन शर्मा,
भूतपूर्व सैनिक आशीष कुमार सिंह, पारस यादव, शोभनाथ यादव, हसन अब्दुल्लाह, मो साथ शेख आदि लोग उपस्थित थे। अध्यक्षता कुम्भनाथ जायसवाल एवं संचालन ब्रजभूषण दूबे ने किया।