(खान अहमद जावेद की रिपोर्ट )
उत्तर प्रदेश जनपद गाजीपुर llचीन ,अमेरिका ,कोरिया, ईरान, इटली ,फ्रांस ,यूरोप ,भारत द्वारा जंगी हथियार के होड़ में इंसानियत भूल चुकी थी और आज उनका हवा से बात करने वाली मिसाइल फेल हो चुकी है! फिर भी इंसानी सभ्यता ,संस्कृति व आपसी एकता का ताना-बाना कितना मजबूत है ! भारत में सरकार की नाकामी छुपाने के लिए कोरोनावायरस भी मुसलमान बन गया और अब तो गांव से शहर तक हर व्यक्ति यही चर्चा कर रहा है lभूख कैसे मिटेगी ?हिंदू ,मुसलमान करने से या इंसानी ,सभ्यता को कायम रखने पर आज सबसे बड़ा सवाल हैl कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर उपजे इस संकट के दौर में देखने को मिल रहा हैl
इस लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप होने के कारण भोजन के लिए चारों तरफ दिक्कतों का बाजार देखने को मिल रहा है lउसी क्रम में मानवता की सेवा को अपना परम उद्देश्य मानने वाली संस्था *ऑल इंडिया पयामे इन्सानियत फोरम ग़ाज़ीपुर यूनिट* के साथियों द्वारा मौलाना सऊदुल हसन नदवी के नेतृत्व में पिछले 3 दिनों से लेकर आज दिनांक 4 अप्रैल 2020 तक कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते परेशान हाल और ज़रूरतमंदों में लगभग 50 कुंतल(पचास कुंतल) की राहत सामग्री शहर ग़ाज़ीपुर के विभिन्न मुहल्लों में वितरित की गई।
इस राहत सामग्री में आटा,चावल,अरहर और चने की दाल,मसाला,तेल,आलू-प्याज़,नमक,हरा मिर्चा आदि दिया गया।
इस पुण्य कार्य की ज़रूरतमंदों ने सराहना की और इसे आगे भी करते रहने की अपील की।ज़रूरतमंदों में इस बात की खुशी देखी गई कि कोई तो है जो हमारी तकलीफों को समझता है,उनकी बातों से लगा कि उन्हें हम लोगों का इंतज़ार था कि हम उनके मध्य सेवा करें,उनमें इस बात को लेकर भी ख़ुशी थी कि इन लोगों ने अपनी जेब से खर्च करके हमारे लिये गल्ला-राशन उपलब्ध कराया अन्यथा आज के परिवेश में कौन किसके काम आता है।
फोरम के वलियंटर्स ने बताया जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है तो संकट की इस घड़ी में हमारा कर्तव्य है कि सोशल डिस्टेंस और साफ-सफ़ाई द्वारा हम अपना बचाव करें और कोशिश करें कि किसी घर के गरीबों के पेट और थाली खाली हैं तो उसे भरें।
इस कार्य में मौलाना सऊदुल हसन नदवी,नसीम अब्बासी,असजद सिद्दीकी,नजमुस्साकिब नदवी,एहतेशाम अंसारी,मौलाना ग्यासुल इस्लाम क़ासमी,साद सिद्दीकी,शुजाउद्दीन अंसारी,कुतुबुद्दीन सिद्दीकी,मुहम्मदफैसल,अब्दुर्रहमान,शादान,उमर,अम्मार,तौसीफ आदि ने हर सम्भव सहयोग दिया ।
