शहीद पंडित रामचन्द्र मिश्रा की शहादत आने वाली पिढि़यों के लिए हमेशा ही पे़रणाश्रोत रहेगी:डॉ0 सानन्द सिंह

भांवरकोल। सन्1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद पंडित रामचन्द्र मिश्रा की 49 वें शहादत दिवस पर उनके पैतृक गांव रेवसडा़ में क्षेत़वासीयों ने आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धा सुमन अर्पित की।इस मौके पर वक्ताओं ने उनके शौर्य एवं बीरता की चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद की धर्मपत्नी इंद्रावती देबी व मुख्य अतिथि डाoसानन्द सिंह ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।इस मौके पर डा सानन्द ने कहा कि शहीद हमारे अमूल्य धरोहर है।इनकी कुर्बानी को देश कभी भुला नहीं सकेगा। उनकी शहादत आने वाली पिढि़यों के लिए हमेशा ही पे़रणाश्रोत रहेगी।कहा कि समाज व देश के भला के लिए रास्ता चुनना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण जागरूकता के साथ अमर शहीदों को सम्मानित करने का मैंने संकल्प लिया है।ये परिवार कोई मामूली परिवार नहीं है।

कहा जब जब देश की अस्मिता पर संकट आया तब तब हमारे देश के हर बर्ग,हर जाति हर समाज के लोगों ने अपनी शहादत दी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का मेरा संकल्प है। उन्होंने कहा इस मौके पर हम सभी को शिक्षा के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एक एक बृक्ष लगाने का संकल्प लेना होगा।ताकि पृथ्बी को सुरक्षित रखा जा सके।इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता बिनोद राय ने कहा कि शहीद रामचंद्र मिश्रा ने अपनी शहादत देकर क्षेत एवं जिले के लोगों को गवं करने का मौका दिया।ऐसे में उनकी स्मृति में अगले शहादत दिवस पर एक तोरण द्वार का निर्माण हम सभी के सहयोग से कराया जाएगा।

इस मौके पर मुख्य अतिथि डाo सानन्द ने पूवं सैनिकों एवं ग्रामीणों को अंगबस्त़म देकर सम्मानित किया।समारोह को रामाश्रय मिश्र, बिबेक शौरभ,अनिल राय,रामबिलास पांडेय,सत्यपप़काश मिश्र,संन्दीप कुशवाहा,चनद़केश राय, रमाशंकर यादव, आदि ने बिचार ब्यक्त किया। अध्यक्षता बिजयनरायण सिंह एवं संचालन बिनोद ने किया।