गाजीपुर:जिले की हॉट सीट में शुमार जमानिया विधान सभा में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ रवि प्रकाश यादव ने विधानसभा जमानिया प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी ठोकी है।रवि प्रकाश यादव ने बकायदा अपना आवेदन सपा के प्रदेश कार्यालय में किया है।दावेदारी ठोकने के बाद उन्होंने अपना जनसंपर्क तेज कर दिया है उन्होंने संकेत दिया कि उनकी दावेदारी अखिलेश यादव के कहने पर हुई है। जमानिया में हमेशा ही यादव व मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में रहे हैं। और दोनों ही वर्ग गांव में गुटबाजी कराने की वजह से इनको पसंद नहीं करता है।
गौरतलब है कि सन 1989 में जब पहली बार ओम प्रकाश जी चुनाव लड़े थे तब रवि प्रकाश यादव के पिता श्री रणजीत यादव को विधानसभा का टिकट मिल रहा था, लेकिन ओम प्रकाश जी के चाचा रणजीत यादव के मित्र थे उन्होंने कहा कि इस बार इनको लड़ लेने दीजिए, तब रणजीत यादव ने ओम प्रकाश सिंह को सपोर्ट किया था तब से ओमप्रकाश सिंह सक्रिय राजनीति में हैं परंतु ओपी के ऊपर हमेशा यह आरोप लगता है कि वह हर गांव में दो गुट बनाकर आपस में लड़ाने का काम करते हैं। इसी तरह से यादव बिरादरी में भी तथा मुस्लिम बिरादरी में भी किसी को आगे नहीं बढ़ने देते हैं छोटे स्तर पर ही सबको आपस में लड़ा कर तोड़ने का काम करते हैं। अभी आने वाले 2021 के जिला पंचायत के चुनाव तथा प्रधान के चुनाव में भी ओपी के द्वारा गांव में गुटबाजी कराने की शिकायतें लगातार अखिलेश यादव को मिल रही हैं।
इन्हीं नीतियों की वजह से पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ओपी सिंह को वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने बर्खास्त कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पार्टी में गुटबाजी की थी।
हालांकि काफी प्रयास के बाद उन्हें सपा ने 2017 विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन इस बार जमानिया की जनता ने उनके पूरे राजनीतिक जीवन का सबसे खराब समय का सामना कराया। क्योंकि इस बार वह बीजेपी के विधायक सुनीता सिंह से तथा बीएसपी से हारकर ओम प्रकाश सिंह तीसरे पायदान पर चले गए। उनके चुनाव हारने के बाद ओमप्रकाश सपा में हल्के हो गए जबकि मुलायम सिंह के समय वह काफी मजबूत थे।
लेकिन इस बार 2022 कि स्थिति ओमप्रकाश सिंह के लिए और खराब लग रही है। क्योंकि जमानिया विधानसभा में यादवों ने रवि प्रकाश यादव को लांच कर दिया है।
रवि प्रकाश के पिता भदौरा ब्लाक के खजूरी ग्राम सभा के प्रधान रहे हैं यही नहीं न समाजवादी पार्टी का विधानसभा अध्यक्ष भी बनाया गया था अब उनके पुत्र रवि प्रकाश यादव सपा की राजनीति कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रवि की दावेदारी ऐसे नहीं हुई है इसके पीछे सपा की बड़ी लाबी सक्रिय है। सूत्रों की माने तो रवि ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की थी। अखिलेश यादव जी की मंशा है कि अब नई पीढ़ी को सपा में सक्रिय किया जाए। अखिलेश के इसारे के बाद ही रवि ने अपनी दावेदारी ठोकी। अगर सपा ने रवि को टिकट दिया तो ओपी के लिए सियासी तौर पर बड़ा झटका माना जाएगा। अखिलेश यादव का आशीर्वाद मिलने के बाद जमानिया विधानसभा के यादवों को एक नई ऊर्जा मिली है। तथा रवि यादव ने अपना जनसंपर्क जोर-शोर से शुरू कर दिया है। रवि यादव ने कहा कि जमानिया की जनता यादव तथा मुसलमानों में गुटबाजी करा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने वालों को जवाब देने का मन बना ली है। जिसका ट्रेलर जमानिया विधानसभा की जनता ने 2017 में दिखा दिया था।
(मनीष यादव की रिपोर्ट)
