श्री खपड़िया बाबा ने विश्व कल्याण हेतु बहुत कठोर तपस्या किया था : हरिहरानंद जी महाराज

भांवरकोल – क्षेत्र के शेरपुर कला में आयोजित चौबीस घण्टा अखण्ड सकीर्तन पाठ में बह्मलीन खपड़िया बाबा के मानस शिष्य सह सकीर्तन प्रेमी संत हरिहरानंद जी महाराज शामिल हुए।
हरिहरानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन मे बताया कि स्वामी श्री
श्री खपड़िया जी महाराज एक महान संत थे। जिन्होने विश्व कल्याण के लिए बहुत कठोर तपस्या किया। श्री खपड़िया महाराज द्वारा गाया गया सकीर्तन का मंत्र आज भी कलयुग के लिए सबसे बड़ी साधना है। यह
महामन्त्र दुनिया के किसी भी असम्भव कार्य को सम्भव करने में समर्थ है। व्यक्ति को अपने समय व आमदनी दोनो का कम से कम 10 प्रतिशत धर्म और दान पर खर्च करना चाहिए। स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति अपने अहं के चलते जीवन मे कई बीमारियों पाल लेता है। और उन बीमारियों से छुटकारा का एक मात्र उपाय है भगवान नाम का सकीर्तन।मनुष्य जीवन बड़े भाग्य से मिलता है। मनुष्य जीवन में भजन करने से जीवन सफल होता है। पैसा से सुख की वस्तुएं खरीदी जा सकती है। सुख नही खरीदा जा सकता है। सुख पाने के लिए भगवान का भजन करना जरूरी है।
आगे श्री हरिहरानंद जी महाराज ने कहा कि श्री खपड़िया जी महाराज का शेरपुर गाव से ऐतिहासिक लगाव था। उन्होंने अनेक बार सकीर्तन पाठ व यज्ञ कराए। उनका हमेशा इस गाव में आना जाना लगा रहता था। उनके साथ मुझे भी कई बार आने का सौभाग्य मिला।इसके पूर्व कार्यक्रम में सकीर्तन गायक कुमार अर्जुन ने अपनी प्रस्तुति से लोगो में समा बाधा।
इस मौके पर भगत जी महाराज,मुख्य यजमान ओमनारायण राय, बबलू राय, मिथलेश राय,
आनन्द राय पहलवान, दरोगा राय,रामबचन राय , कृष्ण कुमार राय, विनोद राय, पप्पू राय, पंकज राय चिंटू,गुड्डू राय , शिक्षक मनीष राय, सत्यम उपाध्याय,रत्नेश राय, आदि लोग मौजूद रहे।