आजमगढ़ में छात्रा की मौत का मामला:प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के विरोध में बंद रहा चंदनी पब्लिक स्कूल सुरतापुर , काली पट्टी बांधकर शिक्षको ने जताया शोक

मुहम्मदाबाद: क्षेत्र के सुरतापुर स्थित चंदनी पब्लिक स्कूल ने आजमगढ़ में एक निजी में 11वी की छात्रा
द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बिना जांच के प्रधानाचार्य और शिक्षक की गिरफ्तारी कर बिना जांच के जेल भेज दिया। इस घटना को लेकर चंदनी पब्लिक स्कूल का शिक्षण कार्य ठप रहा।और शिक्षकों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रधानाचार्य प्रवीण पीयूष राय ने कहा कि 31 जुलाई को आजमगढ़ के चिल्ड्रेन गर्ल्स कालेज की छात्रा
द्वारा आत्महत्या करना बहुत ही दुःखद है। लेकिन इस मामले में बिना जांच किए ही पुलिस द्रारा प्रधानाचार्य , शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस को निष्पक्ष जाच कर कार्यवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने ने कहा कि आजमगढ़ की घटना निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन जिस तरह से संगीन धाराओं में प्रिंसिपल और शिक्षक को जेल भेजा गया है। यह उससे भी ज्यादा निंदनीय है। पुलिस को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ।कोई भी शिक्षक छात्र का अभिभावक होता है। ऐसे में कोई भी शिक्षक किसी का नुकसान नही चाहता है।गौरतलब है कि आजमगढ़ शहर स्थित ‘चिल्ड्रन गर्ल्स कॉलेज’ में कक्षा 11 की छात्रा श्रेया तिवारी की पिछली 31 जुलाई को संदिग्ध हालात में विद्यालय की छत से गिरने से मौत हो गयी थी. इस घटना को लेकर छात्रा के परिजन के साथ-साथ कई सामाजिक तथा महिला संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया था।
पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रधानाचार्या सोनम मिश्र और कक्षा अध्यापक अभिषेक राय के खिलाफ हत्या और खुदकुशी के लिये उकसाने के आरोपों में मामला दर्ज कर पांच अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के मुताबिक प्रधानाचार्या के पास से छात्रा का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है. मामले की सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि छात्रा अपनी कक्षा से दोपहर 12 बजे निकलकर प्रधानाचार्या के कार्यालय में गयी और बाद में दफ्तर के बाहर काफी देर तक खड़ी रही।
करीब सवा एक बजे वह काफी तेजी से सीढ़ियों के रास्ते विद्यालय की तीसरी मंजिल पर जाती नजर आयी। एक अन्य फुटेज में छात्रा के गिरने का वीडियो भी शामिल है. ऐसा लगता है कि जिस जगह लड़की गिरी वहां खून के धब्बों को धो दिया गया।
आर्य ने बताया कि अब तक की विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि छात्रा के पास मोबाइल फोन मिला था।उसकी समुचित काउंसलिंग करने के बजाय अमानवीय रवैया अपनाते हुए छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. घटना वाले दिन भी उसे प्रधानाचार्या के कक्ष में मानसिक प्रताड़ना दी गई और सजा के तौर पर कक्ष के बाहर काफी देर तक खड़ा रखा गया. इसी वजह से छात्रा ने यह कदम उठाया। मामले की जांच जारी है।इस मौके पर माधव सरकार,अरविन्द राय, सईदा हसन, दीपमाला सरकार, आशुतोष राय, यूसुफ ,पंचम राय, झुल्लन सिंह यादव, अजीत मौर्य,संजय कुशवाहा, रामचंद्र ,गुलशन अब्बास,राजेश सिंह,अंजिलेश राय, शिवम यादव, अनुभव शर्मा, संजू गुप्ता, नैनिका गुप्ता, ज्योति तिवारी, प्रिया गुप्ता, तरानुम,सोनाली पटेल सहित अन्य लोग मौजूद  रहे ।