गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील अन्तर्गत बगेन्द गांव में अयोध्या से पधारे मानस मर्मज्ञ.भागवतवेत्ता. महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 श्री शिवराम दास जी फलाहारी बाबा ने अपने मुखारविंद से श्रोताओं को राम कथा रूपी अमृत पान कराते हुवे कहा की श्री रामचरितमानस एक सिद्ध ग्रंथ है।इसके सारे शब्द मंत्र हैं। जिस पर ज्ञान घाट श्मशान में निवास करने वाले भगवान शंकर ने स्वयं सत्यम शिवम सुंदरम लिखकर हस्ताक्षर किया है। फलाहारी बाबा ने कहा की राम चरित मानस पढ़ने वाले का नैतिक दृष्टि से अस्त-व्यस्त त्रस्त जीवन व्यवस्थित हो जाता है। भक्ति के दृष्टि से आस्थावान होता है और ज्ञान के दृष्टि से अस्तित्व का अनुभव कराने वाला होगा ।राम कथा तन मे सत्कर्म मन में सद्भाव और बुद्धि में सद्विचार की प्रेरणा से प्रेरित करता है। कथा कहने और सुनने का उद्देश्य मन को बोधित करना और वाणी को पवित्र करना है।जीव को रूपांतरित और कर्मठ रामकथा के द्वारा बनाया जा सकता है ।प्रभु श्री राम सर्वशक्तिमान सामर्थ्यवान होने के बावजूद भी कर्म के प्रधानता को महत्व दिए हैं ।जीव बिना कारण क्रोध करता है और परमात्मा बिना कारण कृपा करता है। बैर अकारण सब काहू सो ।
कारण बिनु रघुनाथ कृपाला ।

भक्ति से दृष्टि के दृष्टि से देखा जाए तो जगत में भी जगदीश दिखाई देता है भक्ति रहित दृष्टि ईश्वर पर भी संदेह करती है। सती राम का दर्शन करने पर भी संदेह की। शंका संदेह भ्रम भ्रांति ही विनाश का कारण होता है।अपनी गरिमा और मर्यादा से ही मनुष्य महान बनता है।आहार और व्यवहार से ही व्यक्ति के आचरण का पहचान होता है।फलाहारी बाबा ने बताया की गुरूवार को कथा में राम जन्म की कथा का प्रसंग है।कथा स्थल पर श्री रूद्र महायज्ञ की तैयारी जोरों पर है।20 को कलश यात्रा का कार्यक्रम है।यह कलश यात्रा बगेन्द से ढोंढाडिह. परसा.रघुबर गंज.बालापुर मोंड.मुहम्मदाबाद. तिवारी पुर होकर गंगा तट पर पहुंचेगी।गंगा स्नान के पश्चात वैदिक पूजनोपरांत सभी कलश यात्री अपने कलश में गंगा जल लेकर वापस यज्ञ स्थल पर बगेन्द शिव मंदिर पर वापस आयेंगे।
