राधेकृष्ण व दुर्गेश उपाध्याय लिखित ‘योगी आदित्यनाथ के ओजस्वी विचार’ पुस्तक का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया विमोचन

गाजीपुर: साहित्य छात्रों तक पहुंचना चाहिए। यह हमारी धरोहर है। इसके अध्ययन से ही स्कूली छात्रों में अपने इतिहास की जानकारी होती है। यह बातें राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को राजभवन में श्री राधेकृष्ण और दुर्गेश उपाध्याय लिखित पुस्तक ‘योगी आदित्यनाथ के ओजस्वी विचार’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कही। पुस्तक की प्रस्तावना श्री दुर्गेश उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया सलाहकार, यूपीडा द्वारा लिखी गयी है। पुस्तक के विमोचन के उपरांत राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि इस तरह के साहित्य से युवाओ को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। पुस्तक की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल व कालेज के छात्रों तक साहित्य पहुंचना चाहिए।पुस्तक में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के 35 चुनिंदा भाषणों को संकलित किया गया है। अलग-अलग समय पर, अलग-अलग विषयों पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए भाषण सारगर्भित और ओजस्वी हैं। जब योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद अपने भाषण में विरोधियों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि मैं योगी हूं, सेवा हमारा धर्म है। वह राजनीति में सेवा के लिए आए हैं।उनके पूर्व में दिए गए भाषणों से समझा जा सकता है कि उनकी किसानों को लेकर सोच बेहद स्पष्टवादी है। उनका कहना है कि किसानों की बदहाली तभी दूर होगी। जब किसान महज उत्पादक नहीं, बल्कि उदयमी बनेंगे। जब धर्म को लेकर प्रहार हो रहे थे, तब उन्होंने कहा था कि हिंदू साम्प्रदायिकता नहीं बल्कि राष्ट्रीयता का प्रतीक है। इसी तरह उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून व भ्रष्टाचार पर भी अपने बेबाक विचार रखे हैं।पुस्तक में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के दो भाषण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पर केंद्रित हैं। एक भाषण में उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री जी ने देश के राजनीतिक एजेंडे की धुरी को बदल दिया है। दूसरे भाषण में माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी जिस तरह से कड़े साहसिक फैसले लेकर लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाने का काम कर रहे हैं। उससे देश दुनिया में उनकी जमकर तारीफ हो रही है।कार्यक्रम में  ब्रजेश पाठक,  यशवंत सिंह, सदस्य विधान परिषद, अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव ग्रह, सुभाष मिश्र,  मुकुल मिश्र सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

(अजय कुमार यादव की रिपोर्ट)