(दैनिक फॉर मीडिया- अजय कुमार यादव की रिपोर्ट)
गाजीपुर:मुहम्मदाबाद तहसील अंतर्गत बगेन्द गाँव में चल रहे ‘संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान-यज्ञ के चौथे दिन श्रीधाम अयोध्या से पधारे पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री १००८ शिवरामदास जी महाराज उपाख्य फलाहारी बाबा ने व्यासपीठ से भगवान राम के अवतार का सरस चित्रण किया। उन्होंने कहा कि राम का अवतार पृथ्वी पर मानव के उच्च आदर्श की स्थापना के लिए हुआ था। चौरासी लाख योनियों में श्रेष्ठ मनु वंशज पिता-पुत्र,भाई-भाई,स्वामी-सेवक,नर-वानर,भक्त-भगवान, राजा-प्रजा,पति-पत्नी आदि के उत्कृष्ट चरित्र को किस प्रकार स्थापित करें,इसकी सीख हमें श्रीराम के चरित्र से मिलती है। रामावतार में भगवान ने सर्वत्र मर्यादा का ख्याल रखा है,इसीलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है। राम ने अभेद सबको आदर दिया,पर अनादर करने वालों को कठोर दण्ड भी दिया। पत्नी के अपहरण के कारण रावण का नाश किया तो लोकनिंदा वश उसी पत्नी का परित्याग भी किया। त्याग भगवान के चरित्र में ही मुकम्मल होता है। इस मौके पर आचार्य द्वय पं मदनमोहन द्विवेदी व पं विकास शास्त्री,डा बलीन्द्र,राम इकबाल यादव,अनूप तिवारी,गोल्डू तिवारी, प्रमोद यादव,रिंकू रसिया,राजेश राम आदि लोग रहे।
