
गाजीपुर: विश्व गौरैया दिवस है घरेलू पक्षी के रूप में मान्यता प्राप्त गौरैया भारत सहित पुरे विश्व में लुप्त प्राय हो चुकी है ऐसे में उसके संरक्षण के लिए 20 मार्च को प्रतिवर्ष विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे कि लोग प्रेरित होकर गोरिया संरक्षण के लिए आगे आए गौरैया संरक्षण के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के बैजलपुर गांव के मूल निवासी एवं लखनऊ के उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वरिष्ठ लेखाकार के रूप में कार्यरत प्रख्यात पर्यावरणविद कृष्णानंद राय लंबे समय से प्रयासरत है कृष्णानंद राय गौरैया दिवस के अलावा भी प्रतिदिन पर्यावरण एवं गोरिया संरक्षण के लिए अलख जगाते हुए साइकिल से ही यात्रा करते हैं तथा उन्होंने गोरिया चालीसा की रचना भी की है ज्ञातव्य है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरण के वजह से गौरैया के जीवन रक्षा में संकट उत्पन्न हो गया है तथा उनको घोसले बनाने में भी काफी कठिनाई हो रही है क्योंकि अब घास फूस के बजाय कंक्रीट के जंगल शहरों से लेकर गांव देहात तक तैयार हो रहे हैं पक्के मकानों में गौरैया का घोंसला बनाने का अवसर नहीं मिल पाता जिससे कि उनकी जीवन पर संकट उत्पन्न हो गया है ऐसे में कृष्णानंद राय अपने सहयोगियों के साथ घूम घूम कर राजधानी लखनऊ सहित कईशहरों में भी लोगों को गौरैया के लिए कृत्रिम घोसला उनको पीने के लिए पानी रखने के मिट्टी के बर्तन एवं लकड़ी के बने हुए घरों दे लोगों को देकर गौरैया संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं
